पन्ना जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने सरकारी नौकरी दिलाने और मार्कशीट के आधार पर मोटा लोन मुहैया कराने का झांसा देकर दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया था। आरोपी ने पन्ना के साथ-साथ दमोह, कटनी और जबलपुर के लोगों से करीब 10 लाख 79 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को एक अलग नाम से पेश कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।

इस पूरी ठगी के मामले और पुलिस की कार्रवाई को निम्नलिखित विस्तृत बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

1. पहचान छुपाने के लिए फर्जी आईडी का उपयोग: पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी का वास्तविक नाम महेश चंद्र (42 वर्ष) है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का निवासी है। लोगों को विश्वास में लेने और अपनी असलियत छुपाने के लिए वह 'धीरेंद्र सिंह ठाकुर' नाम से बने एक फर्जी [Aadhaar Redacted] का इस्तेमाल करता था। इसी फर्जी दस्तावेज की आड़ में वह पन्ना सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय था।

2. लोन और नौकरी का प्रलोभन: आरोपी ने ठगी के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए थे:

  • लोन का झांसा: वृंदावन प्रजापति नामक व्यक्ति को 20 लाख रुपये का लोन दिलाने का लालच देकर आरोपी ने फाइल चार्ज और कमीशन के नाम पर 4 लाख 94 हजार रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली थी।

  • नौकरी का लालच: विनोद कुमार प्रजापति और विवेक गुप्ता जैसे अन्य युवाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर लाखों रुपये हड़प लिए।

3. पीड़ितों की शिकायत और साइबर सेल की सक्रियता: धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित वृंदावन प्रजापति और अन्य ने 9 मई 2026 को पन्ना जिले के सिमरिया थाने में मामला दर्ज कराया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की टीम ने सक्रियता दिखाई। पुलिस ने आरोपी के बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इन तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस को सीधे उत्तर प्रदेश के महोबा स्थित ननौरा गांव तक पहुंचा दिया।

4. आरोपी के पास से बरामदगी: पुलिस द्वारा जब महोबा से आरोपी को गिरफ्तार किया गया, तो उसके पास से बरामद सामान धोखाधड़ी की पुष्टि करते हैं:

  • तीन लाख रुपये नकद राशि।

  • ठगी में इस्तेमाल किए गए दो स्मार्ट फोन।

  • 50 हजार रुपये मूल्य की एक सोने की अंगूठी।

  • फर्जी [Aadhaar Redacted] और जाली जॉइनिंग लेटर।

  • आरोपी की पत्नी की बैंक पासबुक।

5. प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैला था जाल: पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि उसने पन्ना के अलावा दमोह, कटनी और जबलपुर जैसे जिलों में भी 10 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। पन्ना पुलिस अब इन जिलों की पुलिस से संपर्क कर वहां दर्ज ठगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है।

6. पुलिस की आगे की कार्यवाही: एएसपी ने सोमवार को इस मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उन नेटवर्क और साथियों की भी तलाश कर रही है, जो इस ठगी के काम में आरोपी की मदद कर रहे थे। पन्ना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी या लोन के नाम पर मोटी रकम न दें और दस्तावेजों के सत्यापन के बिना किसी पर भरोसा न करें।

Image Source: https://www.bhaskar.com