पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। एक धार्मिक अनुष्ठान (पथ कार्यक्रम) में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस भीषण हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। राहत और बचाव कार्य के बाद गंभीर घायलों को पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
खुशियों के बीच मातम, देर रात हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के मुटहा गांव के निवासी अपने परिचितों के यहां 'पथ' कार्यक्रम (बच्चे के जन्म पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम) में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर नादन गांव की ओर जा रहे थे। गांव की खुशियों में शरीक होने निकले इन लोगों को क्या पता था कि रास्ते में मौत उनके करीब आ खड़ी होगी।
घटना रात करीब 1:00 बजे की है। ट्रैक्टर जब नादन गांव के निकट पहुंचा, तभी अचानक चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रैक्टर सड़क किनारे लगे गहरे गड्ढों में जाकर पलट गया। रात का समय होने के कारण वहां चीख-पुकार मच गई और अंधेरे में घायलों को संभालने के लिए स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घायलों की मदद और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का रुख
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना में कुल एक दर्जन लोग चोटिल हुए थे। इनमें से जो लोग मामूली रूप से घायल थे, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हालांकि, पांच लोगों की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर अवस्था को देखते हुए शुक्रवार (12 जून) को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर करने का निर्णय लिया।
अस्पताल में जूझ रहे जिंदगी से, परिजनों में कोहराम
घायल महिला हक्की बाई (30 वर्ष) ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि वे सभी मुटहा गांव से ट्रैक्टर में सवार होकर नादन गांव जा रहे थे। उसने बताया कि ट्रैक्टर की रफ्तार नियंत्रित नहीं थी और मोड़ पर गाड़ी संभल नहीं पाई, जिससे वे सब नीचे गिर गए।
जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती गंभीर घायलों में निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
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उमेश आदिवासी (17 वर्ष)
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फूला बाई (40 वर्ष)
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आशा बाई (32 वर्ष)
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हक्की बाई (30 वर्ष)
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पुष्पेंद्र आदिवासी (12 वर्ष)
फिलहाल, पन्ना जिला अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम इन पांचों घायलों की निगरानी कर रही है। चोटों की प्रकृति को देखते हुए उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सुरक्षा के प्रति फिर उठे सवाल
पन्ना जिले में यह पहली बार नहीं है जब ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर जा रहे लोगों के साथ ऐसी दुर्घटना हुई हो। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर का उपयोग खेती के बजाय लोगों के आवागमन के साधन के रूप में किया जाता है, जो कि अत्यंत असुरक्षित है। ट्रैक्टर में सवार होने के लिए कोई सुरक्षा घेरा न होने के कारण पलटने जैसी स्थिति में यात्रियों के गंभीर चोटिल होने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह दुर्घटना एक चेतावनी है कि सड़क पर भारी वाहनों में अत्यधिक लोड के साथ यात्रा करना कितना घातक हो सकता है। फिलहाल, मुटहा गांव से आए इन ग्रामीणों के परिजन अस्पताल परिसर में अपने अपनों की सलामती की दुआएं कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे असुरक्षित साधनों में यात्रा करने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें।
image source: https://www.bhaskar.com
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