पन्ना जिले से एक अत्यंत हृदय विदारक समाचार सामने आया है, जहां जिला मुख्यालय में एक बीएससी छात्रा खाना बनाते समय गंभीर रूप से झुलस गई। खौलती हुई दाल के अचानक ऊपर गिर जाने से छात्रा का चेहरा और हाथ बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस हादसे के समय छात्रा अपने किराए के कमरे में अकेली थी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
खाना बनाते समय हुआ हादसा, चीख पुकार से गूंजा इलाका
जानकारी के अनुसार, अमानगंज की रहने वाली 20 वर्षीय आरती कुशवाहा पन्ना के पीएम श्री छत्रशाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। आरती अपनी उच्च शिक्षा को पूरा करने के उद्देश्य से पन्ना शहर के किशोर जू मंदिर के पास एक किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी। गुरुवार, 11 जून की दोपहर, जब वह अपने कमरे में भोजन तैयार कर रही थी, तभी अनजाने में खौलती हुई दाल का पात्र उसके ऊपर पलट गया।
गर्म दाल के गिरते ही आरती की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। जब वे कमरे में पहुंचे, तो आरती दर्द से कराह रही थी और उसके चेहरे व हाथों की त्वचा बुरी तरह झुलस चुकी थी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। आर्थिक रूप से कमजोर और पढ़ाई के प्रति समर्पित इस छात्रा के साथ हुई यह दुर्घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
माता-पिता बाहर, मौसी और पड़ोसियों ने संभाली जिम्मेदारी
आरती के माता-पिता आर्थिक तंगी और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते जिले से बाहर मजदूरी के लिए गए हुए हैं। घर में कोई भी बड़ा सदस्य न होने के कारण ऐसी विकट स्थिति में आरती पूरी तरह से अकेली थी। सौभाग्य से, उस समय छात्रा की मौसी और पड़ोसियों को सूचना मिल गई। बिना एक पल गंवाए, सभी ने मिलकर आरती को संभाला और उसे तुरंत पन्ना जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया।
अस्पताल में मौजूद मौसी और पड़ोसियों ने बताया कि छात्रा बहुत ही मेहनती है और अपने भविष्य को लेकर काफी गंभीर रहती है। उसने परिस्थितियों के आगे हार न मानते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी, लेकिन यह दुर्घटना उसके लिए किसी बड़े वज्रपात से कम नहीं है। माता-पिता की अनुपस्थिति में पड़ोसियों का यह सहयोग उस छात्रा के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं था।
चिकित्सकों ने शुरू किया इलाज, हालत स्थिर
पन्ना जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर सुधीर सिंह चौहान ने छात्रा का प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टर चौहान ने बताया कि गर्म दाल के संपर्क में आने से आरती के चेहरे और हाथों पर गहरे घाव हुए हैं। त्वचा की ऊपरी परत बुरी तरह जल गई है। हालांकि, अस्पताल में समय रहते चिकित्सा मिलने से उसकी जान को कोई खतरा नहीं है।
चिकित्सकीय टीम ने बताया कि आरती को अभी कुछ दिन अस्पताल में ही रहकर इलाज कराना होगा ताकि संक्रमण की संभावना को टाला जा सके। फिलहाल, उसे आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं और उसकी स्थिति को स्थिर बताया गया है। छात्रा की हालत देखकर डॉक्टर भी काफी सहानुभूति दिखा रहे हैं और बेहतर रिकवरी के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
जागरूकता और सुरक्षा का महत्व
यह घटना हमें रसोईघर में काम करते समय और भी अधिक सतर्क रहने का संदेश देती है। बीएससी जैसी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही छात्रा का इस तरह गंभीर रूप से घायल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। शहर में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा के मानक बहुत जरूरी हैं। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को ऐसे छात्रों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए जो घर से दूर रहकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।
पन्ना के जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन से आरती की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे सहायता प्रदान करने की मांग की है ताकि उसकी पढ़ाई का नुकसान न हो और उसे बेहतर इलाज मिल सके। फिलहाल पूरा शहर छात्रा के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। अस्पताल में उपचार के दौरान भी आरती के चेहरे पर दर्द की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, लेकिन उसके साहस और शिक्षा के प्रति लगन ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया है।
भविष्य की राह में एक कठिन चुनौती
आरती का यह सफर पढ़ाई और संघर्षों से भरा रहा है। एक मजदूर परिवार की बेटी का स्नातकोत्तर महाविद्यालय तक पहुंचना ही अपने आप में एक उपलब्धि है। इस दुर्घटना के बाद, अब उसके माता-पिता को भी सूचित कर दिया गया है, जो जल्द ही पन्ना पहुंचेंगे। तब तक, अस्पताल का स्टाफ और उसके शुभचिंतक उसकी पूरी देखभाल कर रहे हैं। समाज के लिए यह एक सबक है कि हमें अपने आसपास के ऐसे छात्रों का ख्याल रखना चाहिए जो अकेले रह रहे हैं। किसी भी दुर्घटना के समय तुरंत की गई मदद किसी का जीवन बचा सकती है।
image source : https://www.bhaskar.com

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