पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पहाड़ीखेड़ा गांव से धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक शातिर आरोपी ने खुद को डॉक्टर और दवाइयों का बड़ा कारोबारी बताकर स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर मकान मालिक से लेकर बेरोजगार युवाओं तक को अपना निशाना बनाया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय से रिमांड प्राप्त करने के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से भारी मात्रा में गहने और दवाइयां भी बरामद की हैं।

विश्वास जीतकर रची ठगी की साजिश

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू निवासी दीपक कुमार रैकवार अपनी पत्नी माया उर्फ रचना के साथ पन्ना जिले के पहाड़ीखेड़ा में पिछले 8-9 महीनों से किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने अपनी पहचान एक 'डॉक्टर' के रूप में बनाई थी और खुद को दवाइयों का एक सफल थोक व्यापारी बताया था। उसके व्यवहार और बातचीत की शैली इतनी प्रभावशाली थी कि स्थानीय लोगों ने उस पर आसानी से भरोसा कर लिया।

आरोपी ने धीरे-धीरे स्थानीय लोगों और अपने मकान मालिक के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाईं। जब लोगों का विश्वास पूरी तरह से जीत लिया गया, तब उसने अपनी ठगी की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू किया। उसने न केवल लोगों के साथ व्यापार करने का वादा किया, बल्कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे भी मोटी रकम वसूलनी शुरू कर दी।

साझेदारी और नौकरी के नाम पर लाखों का चूना

इस ठगी के शिकार हुए लोगों में सबसे मुख्य नाम मकान मालिक विप्र मिश्रा का है। आरोपी ने विप्र मिश्रा के सामने मेडिकल स्टोर खोलने और दवाइयों के थोक व्यापार में साझेदारी करने का प्रस्ताव रखा। विश्वास में आए मकान मालिक ने आरोपी के व्यापारिक प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और उसे 3 लाख 60 हजार रुपये की बड़ी राशि दे दी।

इतना ही नहीं, आरोपी की ठगी का दायरा और भी व्यापक था। उसने क्षेत्र के कई बेरोजगार युवाओं को सरकारी या निजी संस्थान में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। युवाओं की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसने करीब 2 लाख रुपये की रकम वसूल ली। वहीं, मनीषा यादव और रीना रैकवार जैसी महिलाओं को भी उसने अपना निशाना बनाया और बातों में फंसाकर उनके सोने-चांदी के कीमती आभूषण हड़प लिए। कुल मिलाकर इस दंपती ने भोले-भाले लोगों से करीब 6 लाख 50 हजार रुपये नकद और लाखों के जेवर ठग लिए।

रातों-रात मकान खाली कर हुआ फरार

जब आरोपी को लगा कि उसने पर्याप्त मात्रा में नकदी और गहने बटोर लिए हैं, तो वह एक रात अपनी पत्नी के साथ अचानक घर खाली कर फरार हो गया। सुबह जब मकान मालिक और अन्य पीड़ितों को उनके जाने की भनक लगी, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ितों ने तुरंत बृजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और तकनीकी सहायता से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।

पुलिस की विशेष टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उत्तर प्रदेश से मुख्य आरोपी दीपक कुमार रैकवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया और रिमांड मांगी। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 2 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद की हैं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

बृजपुर थाना पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में आरोपी की पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पन्ना जिले या आसपास के अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और कोई भी बड़ा वित्तीय लेनदेन करने से पहले संबंधित व्यक्ति की पृष्ठभूमि की ठीक से जांच अवश्य करें।

यह घटना पन्ना के ग्रामीण अंचलों में बाहरी लोगों द्वारा की जा रही संदिग्ध गतिविधियों की ओर भी इशारा करती है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस का मानना है कि इस जांच में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पीड़ितों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला पूरे पन्ना जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह ले रहे हैं।

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