पन्ना जिले के झिन्ना मार्ग पर गुरुवार की दोपहर एक दुखद सड़क हादसा घटित हुआ। एक चलते हुए दोपहिया वाहन के सामने अचानक बंदर के आ जाने से बाइक असंतुलित होकर पलट गई। इस घटना में वाहन पर सवार तीन लोग सड़क पर गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गए। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में घायलों को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटों के चलते चालक को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।

पन्ना में चौक कार्यक्रम के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के गांधी चौक निवासी 60 वर्षीय दीपक विश्वकर्मा अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर भापतपुर गाँव की ओर प्रस्थान कर रहे थे। उनके साथ महेश रैकवार और उनकी पत्नी भी सवार थे। यह तीनों लोग किसी पारिवारिक कार्यक्रम (चौक कार्यक्रम) में सम्मिलित होने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही उनकी बाइक झिन्ना मार्ग के पास पहुंची, दोपहर की धूप के बीच एक अनहोनी घटित हो गई।

सफर सामान्य गति में चल रहा था, लेकिन झिन्ना क्षेत्र में सड़क के किनारे से एक बंदर अचानक दौड़ते हुए बाइक के सामने आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल चालक के अनुसार, बंदर को कुचलने से बचाने के चक्कर में दीपक विश्वकर्मा ने बाइक को बचाने का प्रयास किया, जिससे अचानक बाइक का संतुलन पूरी तरह से डगमगा गया। बाइक सड़क पर अनियंत्रित होकर गिर गई और सवार लोग सड़क पर घिसटते हुए दूर जा गिरे।

गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती

दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर घायलों को संभाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचित किया। मोटरसाइकिल चालक दीपक विश्वकर्मा को सबसे ज्यादा चोटें आईं। उनके सिर में गंभीर चोट लगने के कारण स्थिति को नाजुक बताया जा रहा है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुरुआती चिकित्सा के बाद, चिकित्सकों ने दीपक विश्वकर्मा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्हें पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, बाइक पर सवार अन्य दो लोग महेश रैकवार और उनकी पत्नी को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं, परंतु उनके घाव सामान्य होने के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उपचार देकर प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई।

सड़क पर वन्यजीवों का खतरा और सतर्कता

झिन्ना मार्ग के स्थानीय निवासियों ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि पन्ना के इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही अक्सर बनी रहती है। जंगल क्षेत्र से सटे होने के कारण बंदर, नीलगाय और अन्य आवारा पशु सड़क पर अचानक आ जाते हैं। इससे पूर्व भी इस मार्ग पर कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगवाने चाहिए ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क रह सकें।

घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि यदि चालक बंदर को बचाने का प्रयास न करता, तो शायद बड़ी अनहोनी हो सकती थी, परंतु बंदर को बचाने की मानवीय कोशिश स्वयं सवारों के लिए भारी पड़ गई। पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है और दुर्घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। पन्ना जिला अस्पताल में उपचाराधीन दीपक विश्वकर्मा की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, परंतु डॉक्टर उन पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

सुरक्षा और सावधानी का संदेश

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के प्रति हमें सचेत कर दिया है। पन्ना जैसे पहाड़ी और वनाच्छादित क्षेत्रों में गाड़ी चलाते समय हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। गति पर नियंत्रण और सड़क पर दृष्टि बनाए रखना ही ऐसे अनचाहे हादसों को टालने का एकमात्र तरीका है।

पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि ग्रामीण मार्गों पर चलते समय हमेशा धैर्य रखें और सड़क पर पशु या वन्यजीवों के अचानक आने की संभावना को ध्यान में रखकर ही वाहन चलाएं। सुनील के साथ हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना से क्षेत्र के लोगों में भी गम का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस मार्ग पर यातायात की सुरक्षा और वन्यजीवों के विचरण के संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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