मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने आम जनता के बीच मोबाइल सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पन्ना शहर के रानी बाग निवासी 25 वर्षीय मुकेश वर्मा जब अपनी स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी पैंट की जेब में रखा रेडमी (Redmi) कंपनी का मोबाइल फोन अचानक फट गया। इस विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पलक झपकते ही युवक के कपड़ों में आग लग गई और उनका पैर बुरी तरह झुलस गया। यह घटना उस समय हुई जब वे जिला अस्पताल के सामने से गुजर रहे थे, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को दहला कर रख दिया।

चलती स्कूटी से कूदकर बचाई जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम लगभग 6:30 बजे मुकेश वर्मा बाजार का काम निपटाकर वापस लौट रहे थे। अचानक उन्हें अपनी पैंट की जेब में गर्मी महसूस हुई और इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते या फोन को बाहर निकाल पाते, उसमें जोरदार धमाका हो गया। चलती स्कूटी पर आग की लपटें निकलते देख मुकेश ने घबराने के बजाय अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने तुरंत चलती स्कूटी से सड़क पर छलांग लगा दी, जिससे वे एक बड़े सड़क हादसे का शिकार होने से बच गए। नीचे गिरने के तुरंत बाद, उन्होंने जलते हुए मोबाइल को अपनी जेब से बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दिया। उनकी इसी त्वरित सूझबूझ ने आग को उनके शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया, अन्यथा स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

स्थानीय लोगों की तत्परता से टला बड़ा खतरा

जैसे ही युवक ने सड़क पर छलांग लगाई और आग की लपटें देखीं, जिला अस्पताल के सामने मौजूद स्थानीय लोग और राहगीर उनकी सहायता के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने बिना समय गंवाए पानी लाकर मुकेश और सड़क पर पड़े जलते हुए मोबाइल पर डाला, जिससे आग पर तुरंत काबू पा लिया गया। यदि वहां लोग मौजूद नहीं होते या आग बुझाने में देरी होती, तो यह मोबाइल ब्लास्ट एक गंभीर शारीरिक क्षति का कारण बन सकता था। स्थानीय लोगों की इस तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है, जिन्होंने मानवता का परिचय देते हुए घायल युवक को समय रहते सुरक्षित किया।

इलाज के बाद युवक की स्थिति सामान्य

इस दुखद घटना में मुकेश वर्मा के कपड़े पूरी तरह जल गए और उनका पैर गंभीर रूप से झुलस गया, जिससे उनकी चमड़ी तक छिल गई। घटना के तुरंत बाद, आसपास के लोग उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जो कि घटना स्थल के ठीक सामने स्थित था। डॉक्टरों ने युवक का प्राथमिक उपचार किया और घावों पर मरहम-पट्टी की। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, अब उनकी स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इस घटना ने मुकेश के मन में एक गहरा डर बैठा दिया है।

चार साल पुराना था रेडमी नोट 10 एस

मुकेश वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, फटा हुआ मोबाइल 'रेडमी नोट 10 एस' (Redmi Note 10s) मॉडल का था। उन्होंने यह फोन लगभग चार साल पहले बाजार से करीब 20 हजार रुपये में खरीदा था। मोबाइल के अचानक फटने के कारणों पर अभी कोई तकनीकी स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन यह मामला लिथियम-आयन बैटरी के पुराने होने या ओवरहीटिंग से जुड़ा हो सकता है। यह घटना मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सबक है कि पुराने हो चुके मोबाइल उपकरणों को किस प्रकार सावधानी से उपयोग किया जाए या कब बदला जाए।

पन्ना में फैली दहशत और अफरा-तफरी

जिला अस्पताल जैसे व्यस्त क्षेत्र में हुए इस मोबाइल ब्लास्ट ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। धमाके की आवाज और आग के दृश्य को देखकर लोग काफी दहशत में थे। पन्ना शहर में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं सुनी गई थी, जिसके कारण हर कोई मोबाइल फोन के साथ बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा कर रहा है। घटना के कारण कुछ समय के लिए वहां यातायात प्रभावित हुआ और लोगों ने सड़क के किनारे जले हुए मोबाइल को देखकर अपनी सुरक्षा के प्रति सावधानी बरतने की बात कही।

सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता

यह घटना हमें याद दिलाती है कि हम अपने दैनिक जीवन में जिन उपकरणों का उपयोग करते हैं, उनकी गुणवत्ता और रखरखाव कितना महत्वपूर्ण है। मोबाइल बैटरी का फटना अब एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। पन्ना के इस युवक के साथ जो हुआ, वह किसी के भी साथ हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन की बैटरी को कभी भी बहुत अधिक गर्म न होने दें, विशेषकर जब वह जेब में हो। यदि मोबाइल उपयोग के दौरान असामान्य रूप से गर्म होने लगे, तो उसे तुरंत उपयोग में लाना बंद कर देना चाहिए और किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर दिखाना चाहिए। पन्ना की यह घटना प्रशासन के लिए भी एक जांच का विषय है कि क्या मोबाइल उपकरणों की सुरक्षा मानकों की सही जांच हो रही है।

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