मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक होनहार छात्रा ने अपनी जान गंवा दी। बीएससी की टॉपर रही 22 वर्षीय सृष्टि मिश्रा ने एक युवक द्वारा की गई लगातार ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। अपनी मौत से ठीक पहले, सृष्टि ने रोते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। यह घटना न केवल पन्ना जिले के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
पन्ना में छात्रा की मौत और न्याय की मांग
सृष्टि मिश्रा, जिसे घर में प्यार से 'प्रिया' बुलाया जाता था, पन्ना जिले की एक मेधावी छात्रा थी। आत्महत्या करने से महज एक दिन पहले ही उसने बीएससी फाइनल ईयर में कॉलेज टॉप किया था, जिसे लेकर उसके परिवार में खुशी का माहौल था। हालांकि, किसी को यह अंदाजा नहीं था कि उसकी सफलता के जश्न के पीछे गहरा दुख छिपा हुआ है। सृष्टि लंबे समय से एक युवक की प्रताड़ना का शिकार थी।
पुलिस को सृष्टि के मोबाइल से एक भावुक वीडियो मिला है, जिसमें वह बिलखते हुए कह रही है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। वीडियो में उसने सीधे तौर पर 'बड़कू ठाकुर' (जिसका वास्तविक नाम धीरेंद्र सिंह बताया गया है) का नाम लिया है। बड़कू के पिता का नाम चंद्रभान सिंह है। सृष्टि ने वीडियो में साफ कहा कि बड़कू उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और उसके निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था। इस मानसिक दबाव के कारण वह खुद को समाज और अपने माता-पिता के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं समझ पा रही थी, जिसके चलते उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया।
पन्ना प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के कड़े निर्देशों के तहत, अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को सृष्टि के मोबाइल से न केवल वीडियो, बल्कि एक सुसाइड नोट और व्हाट्सएप चैट का महत्वपूर्ण डेटा भी प्राप्त हुआ। इन साक्ष्यों से साफ हो गया कि आरोपी धीरेंद्र सिंह उर्फ बड़कू ठाकुर काफी समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद, आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। 8 जून को पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की, जिससे मृतका के परिवार को न्याय की पहली उम्मीद जगी है।
पिता की व्यथा और ब्लैकमेलिंग का दर्द
सृष्टि के पिता, सुरेश कुमार मिश्रा, इस समय गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने शिक्षा के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया था, वह उनके परिवार के लिए गौरव की बात थी। लेकिन, बड़कू ठाकुर की हरकतों ने सब कुछ खत्म कर दिया। पिता के अनुसार, आरोपी अक्सर उनके घर आता था और सृष्टि पर बातचीत करने का दबाव बनाता था। जब सृष्टि ने इनकार किया, तो उसने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पिता ने बताया कि आरोपी पहले भी उसे परेशान करता था। कुछ समय के लिए जब आरोपी शांत रहा, तो परिवार को लगा कि मामला सुलझ गया है, लेकिन बाद में उसने फिर से अपनी प्रताड़ना शुरू कर दी। 5 जून की शाम, जब सृष्टि को अचानक उल्टियां होने लगीं, तो परिवार को उसके जहरीला पदार्थ खाने का पता चला। घर में सल्फास की तेज बदबू आ रही थी। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए 6 जून को उसने दम तोड़ दिया। यह पूरा घटनाक्रम पन्ना जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पन्ना की घटना पर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर मोहन यादव सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सृष्टि का वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव, जिनके पास गृह मंत्रालय का भी प्रभार है, की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और इसे 'कानून अव्यवस्था' की राजधानी तक कह दिया। उन्होंने इस घटना को 'सरकारी हत्या' करार देते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त न्याय की मांग की है।
न्याय की प्रतीक्षा में पन्ना का परिवार
सृष्टि मिश्रा का मामला समाज में बढ़ती ब्लैकमेलिंग और डिजिटल युग में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक होनहार छात्रा, जिसके पास भविष्य की इतनी संभावनाएं थीं, उसे केवल एक सिरफिरे युवक के अहंकार और गलत इरादों ने मौत के मुंह में धकेल दिया। पुलिस की जांच अभी जारी है और सुसाइड नोट तथा व्हाट्सएप चैट को मुख्य आधार मानकर पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है।
पन्ना पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को 'फास्ट ट्रैक' की तरह देख रहे हैं ताकि आरोपी को कठोरतम सजा मिल सके। समाज के हर वर्ग की यही मांग है कि सृष्टि को न्याय मिले और ऐसे लोगों के लिए कानून में कोई ढील न बरती जाए। सृष्टि की मौत ने पन्ना के हर नागरिक को झकझोर कर रख दिया है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी को कब और कितनी सख्त सजा मिलती है।
image source : https://www.bhaskar.com
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