मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले अजयगढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला और अंधविश्वास से जुड़ा ठगी का मामला सामने आया है। पन्ना जिले के इस क्षेत्र में ठगों ने भोले-भाले ग्रामीणों को संतान प्राप्ति का झूठा और मनगढ़ंत झांसा देकर उनके साथ बड़ी ठगी को अंजाम दिया। यह पूरी घटना पन्ना जिले के सिमराखुर्द गांव की है, जहां आरोपियों ने पूजा-पाठ और अनुष्ठान का नाटक रचकर एक परिवार के कीमती सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इस सनसनीखेज मामले में पन्ना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी किए गए गहनों के साथ-साथ जादुई और पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला विभिन्न प्रकार का संदिग्ध सामान भी बरामद किया है। पन्ना जिले में घटी इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया है और लोग इस तरह के पाखंडियों से सतर्क रहने की चर्चा कर रहे हैं।

पन्ना जिले के सिमराखुर्द गांव में हुई सनसनीखेज वारदात

पन्ना जिले के अजयगढ़ थाने के अंतर्गत आने वाले सिमराखुर्द गांव में यह ठगी की गई। इस गांव में रहने वाले एक सीधे-सादे ग्रामीण शंकर कोंदर को इन शातिर ठगों ने अपना मुख्य शिकार बनाया। शंकर कोंदर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे थे, लेकिन संतान सुख की चाहत हर माता-पिता की तरह उनके मन में भी थी। इसी बात का फायदा इन शातिर ठगों ने उठाया। पन्ना जिले के इस ग्रामीण इलाके में दो अज्ञात व्यक्ति अचानक पहुंचे और उन्होंने शंकर कोंदर को अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया। इन ठगों ने शंकर को बड़े ही शातिर तरीके से विश्वास दिलाया कि वे तांत्रिक विद्या और विशेष पूजा-पाठ के माध्यम से उन्हें संतान सुख का आशीर्वाद दिला सकते हैं। उनकी मीठी और चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर शंकर कोंदर पूरी तरह से उनके झांसे में फंस गए, क्योंकि वे यह नहीं समझ पाए कि ये लोग किसी बड़े धोखे को अंजाम देने के लिए आए हैं।

पूजा और मिट्टी में आभूषण दबाने की अजीबोगरीब शर्त

ठगों ने अपनी चाल को आगे बढ़ाते हुए शंकर कोंदर के सामने एक अजीबोगरीब शर्त रखी। उन्होंने कहा कि यदि वे संतान सुख प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी पत्नी के सभी गहने इस विशेष पूजा में सौंपने होंगे। ठगों के बहकावे में आकर शंकर और उनकी पत्नी ने अपनी गाढ़ी कमाई और अमूल्य धरोहर को उनके हवाले कर दिया। इन पीड़ित पति-पत्नी ने करीब पचास हजार रुपये मूल्य के सोने का लॉकेट, चांदी की चूड़ियां और पायल इन ठगों को सौंप दिए। इसके बाद शातिर जालसाजों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ित से उनके घर के पास ही एक गड्ढा खुदवाया। उन्होंने गहनों को एक पॉलीथिन में रखकर उस गड्ढे के अंदर दबाने के लिए कहा। ठगों ने शंकर कोंदर को यह सख्त हिदायत दी कि वे अगले पैंतीस दिनों तक रोजाना उस स्थान पर जाकर नियमित रूप से पूजा-पाठ करें और उसके पैंतीस दिन बीत जाने के बाद ही उस गड्ढे से गहने बाहर निकालें, ताकि उनके घर में किलकारी गूंज सके।

ठगों के जाने के बाद पीड़ित को हुआ गहरा शक

शातिर ठग अपना काम पूरा करने के बाद पीड़ित को हिदायत देकर मौके से फरार हो गए। ठगों के जाने के बाद शंकर कोंदर के मन में अजीब सी आशंकाएं पैदा हुईं और उन्हें तुरंत इस पूरी प्रक्रिया पर शक होने लगा। उनका दिल गवाही नहीं दे रहा था कि मामला पूरी तरह से साफ है। बिना एक पल गंवाए, शंकर ने उसी वक्त खुद ही उस गड्ढे को खोदकर देखने का फैसला किया। जब उन्होंने तुरंत वह गड्ढा खोदा और अंदर रखी पॉलीथिन को बाहर निकाला, तो उनके होश उड़ गए और पैरों तले जमीन खिसक गई। गड्ढे के अंदर से सारे सोने और चांदी के आभूषण पूरी तरह गायब थे और वहां केवल एक खाली पॉलीथिन पड़ी हुई थी। उन्हें तुरंत यह समझ आ गया कि वे एक बहुत बड़े धोखे और ठगी का शिकार बन चुके हैं। उनके साथ संतान प्राप्ति के नाम पर एक सुनियोजित लूट को अंजाम दिया गया था।

अजयगढ़ थाने में शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

अपने साथ हुई इस बड़ी ठगी का अहसास होते ही पीड़ित शंकर कोंदर ने बिना किसी देरी के अजयगढ़ थाने का रुख किया। उन्होंने थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को अपनी पूरी आपबीती सुनाई और अज्ञात ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पन्ना जिले की पुलिस ने मामले की गंभीरता को पूरी तरह से समझा और इसे अत्यंत संवेदनशील मानते हुए तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पन्ना पुलिस की सतर्कता और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस ने रविवार, तीस अगस्त को पिष्टा गांव के पास से दो संदिग्ध व्यक्तियों को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो इन दोनों जालसाजों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार आरोपी

पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि पकड़े गए दोनों आरोपी बहुत शातिर किस्म के अपराधी हैं, जो जादूगरी, हाथ की सफाई और अंधविश्वास का सहारा लेकर सीधे-सादे ग्रामीणों को अपना निशाना बनाते हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन दोनों आरोपियों की पहचान इन्साफ अली (38 वर्ष) और इमरित अली (26 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों ही आरोपी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले हैं। ये लोग विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों को चुनते थे जहां लोग अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं के झांसे में आसानी से आ जाते हैं। पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में भी ये इसी नीयत से आए थे और भोले-भाले ग्रामीणों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों से बेवकूफ बना रहे थे। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए गहनों के साथ-साथ ठगी के धंधे में उपयोग होने वाले कई अन्य संदेहास्पद सामान भी बरामद किए हैं।

बरामद सामान और अदालत की कार्रवाई

अजयगढ़ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषणों के अलावा कई प्रकार की जादुई और पाखंडी वस्तुएं बरामद की हैं। इनमें मुख्य रूप से एक डमरू, एक प्लास्टिक का सांप, एक टाइगर टेडी, एक सौ तीन अलग-अलग प्रकार की अंगूठियां, एक बांसुरी और इस पूरी वारदात में आवागमन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए इस कुल सामान और आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब एक लाख तीस हजार रुपये बताई गई है। पन्ना पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से अदालत के आदेशानुसार इन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पन्ना पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने इस क्षेत्र या आसपास के अन्य जिलों में इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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