मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी है। हाजी अली बिल्डिंग के पास स्थित 'बिंदास बूट हाउस' नामक जूता-चप्पल की दुकान में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। दुकान के अंदर रखा लाखों रुपये का कीमती स्टॉक, फर्नीचर और नकदी जलकर राख हो गए। सुबह के समय हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

फायर ब्रिगेड की देरी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक इरशाद अली बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जब वे वहां पहुंचे, तो दुकान से आग की ऊंची-ऊंची लपटें निकल रही थीं। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। दुकान संचालक का गंभीर आरोप है कि दमकल की गाड़ी को सूचित करने के करीब आधे घंटे बाद घटनास्थल पर पहुँचाया गया। यदि फायर ब्रिगेड समय रहते पहुंच जाती, तो शायद दुकान के अधिकांश सामान को जलने से बचाया जा सकता था। दमकल विभाग के पहुंचने तक दुकान का बड़ा हिस्सा आग की भेंट चढ़ चुका था। हालांकि, बाद में दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।

7 से 8 लाख के नुकसान का अनुमान

दुकान संचालक इरशाद अली ने हादसे के बाद भारी क्षति होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 'बिंदास बूट हाउस' में रखे जूते-चप्पल सहित अन्य कीमती सामग्री पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई है। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि दुकान के गल्ले में रखे लगभग 7 से 8 हजार रुपये नकद भी आग की चपेट में आने से जल गए। संचालक के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें कुल मिलाकर 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। दुकान में रखा पूरा स्टॉक राख के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे व्यापारी को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग का कारण

स्थानीय लोगों और दुकान संचालक की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण दुकान में लगी पीवीसी (PVC) के पास हुआ शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हालांकि, पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम आग के सटीक कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। पन्ना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और साक्ष्यों को एकत्रित किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग लगने के पीछे कोई और तकनीकी कारण तो नहीं था। प्रशासन ने भी व्यापारियों से अपील की है कि वे अपनी दुकानों में बिजली के तारों की समय-समय पर जांच करवाते रहें ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

एक बड़ा हादसा टलने से मिली राहत

हालांकि इस घटना में व्यापारी का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन गनीमत यह रही कि आग आसपास की अन्य दुकानों तक नहीं फैल पाई। यदि आग ने विकराल रूप धारण कर आसपास के परिसर को अपनी चपेट में लिया होता, तो नुकसान कई गुना अधिक हो सकता था। दुकान की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि एक बड़ा और भयावह हादसा टल गया। घटना के बाद आसपास के दुकानदारों में भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई है। पन्ना के इस बाजार क्षेत्र में घनी आबादी और पास-पास दुकानें होने के कारण, व्यापारियों ने अब अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता पर जोर देने की बात कही है।

पन्ना प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू

पन्ना प्रशासन इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मामले की जांच कर रहा है। कोतवाली थाना पुलिस मौके पर तैनात थी और उन्होंने लोगों को घटनास्थल से दूर रखने में सहयोग किया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पन्ना शहर में फायर ब्रिगेड की सेवाओं को और अधिक तत्पर बनाया जाए, ताकि ऐसी आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इरशाद अली जैसे अन्य व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस नुकसान की भरपाई में सहयोग की भी उम्मीद जताई है। फिलहाल, पन्ना में यह आगजनी की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और हर कोई पीड़ित दुकानदार की सहायता की बात कर रहा है।

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