पन्ना जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में स्थानीय पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पन्ना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह 'कड़िया सांसी गैंग' की दो शातिर महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो बैंकों के आसपास घूमकर लोगों को अपना निशाना बनाती थीं। यह गिरफ्तारी न केवल पन्ना जिले में होने वाली एक संभावित बड़ी वारदात को टालने में सफल रही, बल्कि सतना और उमरिया जिलों में हुई लाखों रुपये की चोरियों का भी खुलासा कर दिया है। पन्ना पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने आपराधिक तत्वों के हौसलों को पस्त कर दिया है।

घटना का विवरण: देवेंद्रनगर एसबीआई परिसर में संदिग्ध सक्रियता

यह पूरा मामला 4 जून को पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से सामने आया। देवेंद्रनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव की टीम को गुप्त सूत्रों से एक अहम सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के परिसर में दो महिलाएं संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही थीं। ये महिलाएं बैंक में आने-जाने वाले ग्राहकों की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही थीं। उनका व्यवहार सामान्य ग्राहकों जैसा नहीं था, बल्कि वे पूरी तरह से किसी बड़े मौके की तलाश में थीं।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बैंक परिसर की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही इन महिलाओं ने वहां से निकलने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में ही पुलिस को उनकी संदिग्ध गतिविधियों का अहसास हो गया था।

आरोपियों की पहचान और गिरोह का इतिहास

हिरासत में लेने के बाद जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी पहचान राजगढ़ जिले के 'कड़िया सांसी' गांव की निवासी के रूप में बताई। गिरफ्तार महिलाओं में मंजू सिसोदिया (30 वर्ष), पत्नी राजेश सिसोदिया, और अंबिका सिसोदिया (40 वर्ष), पत्नी सिकंदर सिसोदिया शामिल हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से 'कड़िया सांसी गैंग' के नाम से कुख्यात है।

जांच में पता चला कि ये महिलाएं कोई साधारण चोर नहीं थीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा थीं। इनका काम करने का तरीका इतना शातिर था कि कोई भी बैंक ग्राहक आसानी से इनका शिकार बन जाता था। ये विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाती थीं जो बैंक से बड़ी रकम निकालकर निकलते थे।

पड़ोसी जिलों की चोरियों का खुलासा

पन्ना पुलिस ने इन दोनों महिलाओं की तस्वीरें और हुलिया पड़ोसी जिलों की पुलिस के साथ साझा किया। जैसे ही इनका डेटाबेस अन्य जिलों के रिकॉर्ड से मिलाया गया, तो कई पुरानी चोरियों का पर्दाफाश हो गया। सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के मिलान से यह स्पष्ट हो गया कि इन महिलाओं ने हाल ही में सतना और उमरिया जिलों में दो बड़ी चोरियों को अंजाम दिया था:

  • सतना (कोतवाली थाना क्षेत्र): यहां इन्होंने बैंक से निकले एक व्यक्ति का पीछा किया और बड़ी चालाकी से उसके लगभग ₹77,000 चुरा लिए।

  • उमरिया (कोतवाली थाना क्षेत्र): यहां भी इन्होंने इसी प्रकार रेकी की और मौका मिलते ही एक व्यक्ति की जेब से ₹60,000 की नकदी पार कर दी।

इसके अलावा, पुलिस को जानकारी मिली है कि यह गैंग टीकमगढ़, जबलपुर और उत्तर प्रदेश के बांदा जैसे कई अन्य स्थानों पर भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

शातिर कार्यप्रणाली: पलक झपकते ही चोरी

थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। उनका मुख्य केंद्र बैंक ही होते थे। वे बैंक के अंदर और बाहर ग्राहकों के बीच बैठकर उनकी गतिविधियों को देखती थीं। जैसे ही कोई ग्राहक मोटी रकम निकालकर बैंक से बाहर निकलता, ये महिला चोर उसका पीछा करना शुरू कर देती थीं।

इनका तरीका इतना तेज था कि पलक झपकते ही ये नोटों से भरा बैग या जेब से नकदी गायब कर देती थीं। इन्हें पकड़ना इसलिए मुश्किल होता था क्योंकि ये एक स्थान पर वारदात करने के बाद तुरंत दूसरे जिले या राज्य की सीमा में प्रवेश कर जाती थीं। इनके खिलाफ पहले से ही कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पन्ना पुलिस की सजगता का कमाल

पन्ना पुलिस की इस कामयाबी को जिले में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यदि पुलिस ने इन महिलाओं को देवेंद्रनगर एसबीआई परिसर से नहीं पकड़ा होता, तो ये पन्ना में भी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे चुकी होतीं। पन्ना पुलिस ने जिले को एक बड़े अपराध से सुरक्षित बचा लिया है। फिलहाल, सतना पुलिस ने इन दोनों महिलाओं को अपने अभिरक्षा में ले लिया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है।

इस पूरी ऑपरेशनल सफलता में देवेंद्रनगर थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव के नेतृत्व में पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया है। टीम में सज्जन सिंह, अशोक बागरी, शंकर सिंह बुन्देला, शिवस्वरूप तिवारी, धीरेंद्र सिंह यादव, लक्ष्मी नारायण यादव और बृजेंद्र रैकवार की भूमिका मुख्य रही। पन्ना पुलिस कप्तान ने भी पुलिस टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की प्रशंसा की है।

निष्कर्ष

पन्ना जिले में हुई इस कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीक (जैसे सीसीटीवी मिलान) के सामने उनकी एक नहीं चलती। 'कड़िया सांसी गैंग' जैसी अंतरराज्यीय ताकतों का पकड़ा जाना यह संदेश देता है कि राज्य की सीमाएं अपराध के लिए ढाल नहीं बन सकतीं। आम जनता को भी सलाह दी जाती है कि बैंक से नकदी निकालते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर नजर रखें। पन्ना पुलिस ने अपनी सजगता से न केवल चोरों को गिरफ्तार किया है, बल्कि बैंक परिसर को भी सुरक्षित बनाने का संदेश दिया है।

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