पन्ना। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ माने जाने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पन्ना जिले सहित पूरे मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत लगभग 32 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण पन्ना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है, जिससे आम मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल का व्यापक प्रभाव और काम काज पर असर

हड़ताल के पहले ही दिन से स्वास्थ्य विभाग का ऑनलाइन और ऑफलाइन कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला इकाई पन्ना के पदाधिकारियों के अनुसार, सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई भी सकारात्मक रुख न अपनाए जाने के कारण उन्हें मजबूरन यह कठोर कदम उठाना पड़ा है।

  • ऑनलाइन रिपोर्टिंग बंद: हड़ताली कर्मचारियों ने 'सार्थक ऐप' पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना पूरी तरह बंद कर दिया है।

  • डेटा एंट्री का कार्य रुका: विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित ऑनलाइन डेटा एंट्री और दैनिक रिपोर्टिंग का कार्य ठप हो गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग का पूरा रिकॉर्ड मैनेजमेंट प्रभावित हो रहा है।

मरीजों की मुश्किलें और चिकित्सा व्यवस्था का संकट

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम बंद करने से अस्पतालों में मरीजों का बुरा हाल है। जिले के ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ संविदा डॉक्टरों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के हड़ताल पर जाने से मरीजों को जांच और उपचार के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीज, जिनमें गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार लोग शामिल हैं, उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है। संघ के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने प्रशासन को हड़ताल शुरू होने से पहले ही लिखित में सूचित कर दिया था कि इस हड़ताल के कारण आम जनता को जो भी असुविधा होगी, उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।

नियमितीकरण का वादा और कर्मचारियों का आक्रोश

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी को प्रदेश के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को नियमित करने का सार्वजनिक वादा किया था।

कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने वादा तो किया, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिले हैं। नियमितीकरण को लेकर अब तक कोई भी नीतिगत अमल नहीं किया गया है। संघ ने पूरी दृढ़ता के साथ स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार नियमितीकरण की मुख्य मांग को पूरा करने का लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक कोई भी कर्मचारी वापस काम पर नहीं लौटेगा।

चरणबद्ध आंदोलन से अनिश्चितकालीन हड़ताल तक का सफर

यह हड़ताल अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे एक लंबी प्रक्रिया रही है। कर्मचारियों का यह आंदोलन 25 मई से चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ था:

  1. प्रथम चरण: कर्मचारियों ने शुरुआत में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

  2. द्वितीय चरण: मांगें पूरी न होने पर इसे उग्र रूप दिया गया और अब यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल चुका है।

8 जून को भोपाल घेराव की चेतावनी

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अब सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को खुली चुनौती दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज होगा।

  • भोपाल कूच: 8 जून को प्रदेशभर के हजारों संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल पहुंचेंगे।

  • मुख्यमंत्री निवास का घेराव: संगठन ने घोषणा की है कि 8 जून को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा, ताकि सरकार उनकी आवाज को नजरअंदाज न कर सके।

प्रशासन की स्थिति और भावी परिणाम

पन्ना जिला प्रशासन के लिए यह हड़ताल एक बड़ी चुनौती बन गई है। एक ओर जहां स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू रूप से चलना अनिवार्य है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की मांगें भी उनके भविष्य से जुड़ी हैं। फिलहाल, जिले के सरकारी अस्पतालों में कामकाज ठप रहने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी भी चिंतित हैं।

यदि इस हड़ताल का समाधान जल्द नहीं निकाला गया, तो पन्ना जिले में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आम नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए सरकार को अब जल्द से जल्द संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर इस गतिरोध को समाप्त करना होगा। वर्तमान में पूरा स्वास्थ्य ढांचा कर्मचारियों के निर्णय पर टिका है, और आने वाले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

image source : https://www.bhaskar.com