भूकंप आपदा प्रबंधन पर पन्ना में जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन
प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर भूकंप के दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने और भावी पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से पन्ना में एक महत्वपूर्ण आयोजन किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पन्ना और आपदा प्रबंध संस्थान (गृह विभाग) भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पन्ना' के सभाकक्ष में 'भूकंप आपदा प्रबंधन' विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
जागरूकता ही है सबसे बड़ा बचाव
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए संयुक्त कलेक्टर श्री कुशल सिंह गौतम ने भूकंप के दौरान बचाव के आवश्यक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, पड़ोसियों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
भूकंप के दौरान 'क्या करें और क्या न करें'
आपदा प्रबंध संस्थान भोपाल से आए तकनीकी विशेषज्ञ श्री अभिषेक मिश्रा ने कार्यक्रम में तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं:
- भारत और प्रदेश के विभिन्न सीस्मिक जोन (Seismic Zones) की जानकारी।
- भूकंप आने से पहले की जाने वाली आवश्यक पूर्व तैयारियां।
- भूकंप के दौरान और उसके बाद 'क्या करें और क्या न करें' (Do's and Don'ts) ताकि सुरक्षित बचा जा सके।
"आपदा का कोई अवकाश नहीं होता"
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.डी. चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि "आपदा का कोई अवकाश (Holiday) नहीं होता, वह कभी भी आ सकती है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा से पहले की गई मुकम्मल तैयारी ही एकमात्र वह साधन है जिससे भूकंप जैसी भयावह स्थिति में होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
खोज एवं बचाव कार्यों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के अंत में जिला सेनानी होमगार्ड श्री शालिवाहन पाण्डे ने व्यावहारिक जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भूकंप जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर राहत दल किस प्रकार काम करते हैं और मलबे में फंसे लोगों की खोज (Search) व बचाव (Rescue) के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए जाते हैं।
इस एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम ने उपस्थित सभी 250 विद्यार्थियों के भीतर आपदा प्रबंधन को लेकर एक नई समझ और आत्मविश्वास पैदा किया है।

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