पन्ना : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले बृजपुर थाना क्षेत्र से एक बार फिर भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। बुधवार की रात पन्ना-पहाड़ीखेरा मार्ग पर स्थित कुख्यात ठाकुर बाबा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक अनियंत्रित होकर लगभग 10 फीट गहरी पथरीली खाई में जा गिरी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि बाइक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक खाई में पड़े पत्थरों से जा टकराए जिससे उनके सिर पर प्राणघातक चोटें आई हैं। घटना का विस्तृत विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा बुधवार रात लगभग 10 बजे के आसपास हुआ। ककरहटी निवासी कल्लू गोंड (25 वर्ष) और रंजीत गोंड अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से पन्ना से पहाड़ीखेरा की ओर जा रहे थे। चश्मदीदों का कहना है कि बाइक की गति सीमा से कहीं अधिक थी। जैसे ही वे ठाकुर बाबा मोड़ के समीप पहुंचे वहां के तीखे मोड़ और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण चालक ने वाहन पर से अपना संतुलन खो दिया। बाइक सड़क छोड़कर सीधे ढलान से नीचे उतरती हुई खाई में जा गिरी। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने दिखाया मानवीय चेहरा दुर्घटना के समय वहां से गुजर रहे राहगीर रूपेश जैन ने तत्परता दिखाते हुए घटना की भयावहता को भांप लिया। उन्होंने बताया कि अंधेरे में युवकों की चीखें सुनाई दे रही थीं। रूपेश और अन्य राहगीरों ने तुरंत अपनी गाड़ियां रोकीं और मोबाइल की टॉर्च जलाकर खाई की ओर रुख किया। उन्होंने देखा कि दोनों युवक खून से लथपथ हालत में पत्थरों के बीच फंसे हुए थे। बिना देरी किए रूपेश जैन ने पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और बृजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल और ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के माध्यम से पन्ना जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सीय स्थिति और उपचार जिला अस्पताल पन्ना के आपातकालीन वार्ड में घायलों को भर्ती कराया गया है। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों कल्लू और रंजीत के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में सिर की हड्डियों में फ्रैक्चर और आंतरिक चोटों की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है जो अस्पताल पहुंच चुके हैं और पूरे क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ठाकुर बाबा मोड़: एक उभरता हुआ डेथ ट्रैप स्थानीय निवासियों और राहगीर रूपेश जैन ने इस मार्ग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार बृजपुर थाना क्षेत्र का यह ठाकुर बाबा मोड़ अब एक दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) बन चुका है। इस मार्ग पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सड़क के इस मोड़ पर न तो कोई संकेत बोर्ड लगा है और न ही खाई वाली तरफ कोई क्रैश बैरियर या रेलिंग लगाई गई है। सड़क की बनावट में तकनीकी खामी और तीखे ढाल के कारण रात के समय चालकों को सड़क की चौड़ाई का सही अंदाजा नहीं मिल पाता जिससे वाहन सीधे खाई में चले जाते हैं। सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक उदासीनता पन्ना जिले के इस व्यस्त मार्ग पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है। जानकारों का मानना है कि यदि PWD विभाग द्वारा यहां रिफ्लेक्टर लाइट और सुरक्षा घेरा बनाया गया होता तो इस हादसे को टाला जा सकता था। साथ ही क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग की कमी के कारण रात में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर कोई अंकुश नहीं है। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों के बारे में पुलिस का कहना है कि युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था। यदि हेलमेट पहना होता तो सिर की चोटें इतनी गंभीर नहीं होतीं। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि दुर्घटना का मुख्य कारण केवल तेज रफ्तार थी या कोई अन्य वाहन भी इसमें शामिल था। भविष्य की चेतावनी और निष्कर्ष यह दुर्घटना प्रशासन के लिए एक वेक-अप कॉल है कि वे ठाकुर बाबा मोड़ जैसे खतरनाक स्थानों को चिह्नित कर वहां सुधार कार्य सुनिश्चित करें। पन्ना के ग्रामीण अंचलों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के पीछे यातायात नियमों की अवहेलना एक बड़ा कारण है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह हेलमेट और रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह की लापरवाहियों की भेंट न चढ़े। फिलहाल पूरे पन्ना में इस घटना की चर्चा है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
image source : gemini ai

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