पन्ना: मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और रत्नगर्भा नगरी पन्ना में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और शहर को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के लिए पुलिस प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में आ गया है। सोमवार, 4 मई की शाम पन्ना की सड़कों पर उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई जब यातायात पुलिस की एक विशेष टीम ने सघन चेकिंग अभियान छेड़ा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन मनचलों को सबक सिखाना था जो अपनी बुलेट मोटरसाइकिलों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर शहर की शांति भंग करते हैं। इसके साथ ही, व्यस्त बाजारों में बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर जाम की स्थिति पैदा करने वालों पर भी सख्त कानूनी चाबुक चलाया गया है। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहीं यातायात थाना प्रभारी नीलम लक्षकार ने अपनी टीम के साथ शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों, विशेषकर बड़ा बाजार और कटरा बाजार में पैदल मार्च किया। इस दौरान पुलिस की पैनी नजर उन बुलेट गाड़ियों पर रही, जो सड़कों पर तेज आवाज और पटाखों जैसे शोर के साथ गुजरती थीं। पुलिस ने मौके पर ही ऐसी पांच बुलेट मोटरसाइकिलों को रोका जिनमें कंपनी के मानक साइलेंसरों को हटाकर अवैध रूप से 'लाउड' साइलेंसर लगाए गए थे। इन साइलेंसरों की आवाज इतनी भयावह थी कि इनसे राहगीरों और दुकानदारों को खासी परेशानी हो रही थी। पुलिस ने मैकेनिक बुलवाकर इन सभी पांचों वाहनों के मॉडिफाइड साइलेंसरों को मौके पर ही निकलवा दिया। यातायात प्रभारी ने वाहन स्वामियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि यदि दोबारा इन गाड़ियों में अवैध साइलेंसर पाए गए, तो न केवल वाहन जब्त किया जाएगा बल्कि भारी जुर्माने के साथ लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिश भी की जाएगी। गौरतलब है कि शहर में पिछले कुछ समय से मॉडिफाइड साइलेंसरों का चलन बढ़ गया था, जिससे बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों को काफी दिक्कतें पेश आ रही थीं। अभियान के दूसरे चरण में पुलिस की टीम ने कटरा बाजार और बड़ा बाजार की संकरी गलियों और मुख्य मार्गों पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया। शाम के वक्त जब बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ होती है, उस समय गलत तरीके से पार्क किए गए वाहन यातायात की गति को रोक देते हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे 20 वाहनों को चिन्हित किया जो 'नो-पार्किंग' जोन में खड़े थे। इनमें से कई वाहनों में पुलिस ने तत्काल 'व्हील लॉक' (पहिया जाम करने वाला यंत्र) लगा दिया, जिससे वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। इस कार्रवाई के तहत कुल 5,000 रुपए का समन शुल्क वसूला गया। यातायात थाना प्रभारी नीलम लक्षकार ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे शहर को व्यवस्थित बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन खड़ा करना न केवल कानूनी अपराध है बल्कि यह एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के मार्ग में भी बाधा उत्पन्न करता है। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन की औपचारिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में इसे और भी विस्तार दिया जाएगा। पन्ना पुलिस अब शहर के अन्य हिस्सों जैसे अजयगढ़ चौराहा, डायमंड चौक और बस स्टैंड के आसपास भी इसी तरह की आकस्मिक चेकिंग करने की योजना बना रही है। इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि लंबे समय से बाजारों में जाम की समस्या से व्यापार प्रभावित हो रहा था। पुलिस की यह सख्ती पन्ना को एक सुरक्षित और अनुशासित शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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