मझगांय बांध के भराव का पानी बहनरीकला टपरियन के किनारे तक है। इसी किनारे पर लकड़ी की प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटे लोग, गले में रस्सी के फंदे और शरीर पर पत्ते बांधे ग्रामीण, हाथ में हरे-पीले झंडे। आंदोलनकारी इसे विरोध का तरीका बताते हैं। उनकी एक ही बात है: "पैलें पूरो मुआवजा, फिर डूब।"

UNI वार्ता की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक आंदोलन 36वें दिन में था और जय किसान संगठन के अमित भटनागर का आमरण अनशन 21वें दिन में। उनकी मौजूदा सेहत पर ताजा मेडिकल जानकारी किसी रिपोर्ट में नहीं मिली।

एक नज़र में: चिता आंदोलन
क्याजानकारीस्रोत
धरना स्थलबहनरीकला टपरियन, अजयगढ़UNI वार्ता
शुरुआत12 सितंबर 2026The Wire, Webkhabar
17 अक्टूबर कोधरने का 36वां दिनUNI वार्ता
अनशन21वां दिनUNI वार्ता
पैकेज5 से बढ़कर 12.5 लाखETV भारत, 10 जुलाई
प्रशासन का दावा90% से ज्यादा भुगतानरॉयटर्स, 12 अक्टूबर

1. आंदोलन क्या है और किन परियोजनाओं से जुड़ा

धरना 12 सितंबर से चल रहा है। इसमें मझगांय और रुंझ सिंचाई परियोजना, केन-बेतवा लिंक और ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन के प्रभावित परिवार शामिल हैं। ग्राउंड रिपोर्ट ने जल संसाधन विभाग के दस्तावेज के हवाले से मझगांय परियोजना में करीब 999 परिवारों के विस्थापन का अनुमान बताया है।

केन-बेतवा देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिसकी लागत करीब 44,605 करोड़ रुपये है। इसका दौधन बांध पन्ना टाइगर रिजर्व में बन रहा है, और लक्ष्य बुंदेलखंड में करीब 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई और 62 लाख लोगों को पेयजल है।

2. शनिवार को आंदोलन स्थल पर क्या हुआ

UNI वार्ता के मुताबिक सज्जन सिंह वर्मा ने आंदोलन स्थल पर राज्य की भाजपा सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना की। रिपोर्ट के शीर्षक के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप मांगा। उनके साथ युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार और पूर्व विधायक विक्रम सिंह उर्फ नाती राजा भी थे। वर्मा की बातों पर भाजपा या सरकार की कोई प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

आंदोलन स्थल पर मीडिया से बातचीत में वर्मा ने दावा किया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से बात हो चुकी है, और अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो राहुल गांधी खुद पन्ना आकर आदिवासियों के साथ खड़े होंगे। उन्होंने दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी और आंदोलनकारियों पर झूठे केस दर्ज होने का आरोप भी लगाया, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मांगें पूरी करने की अपील की। इन आरोपों पर सरकार या भाजपा का जवाब खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आया था।

3. आंदोलनकारियों की मांगें

अलग-अलग रिपोर्टों में आंदोलनकारियों की ये मांगें दर्ज हैं:

  1. विस्थापन से पहले पूरा मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास।
  2. घोषित 12.5 लाख रुपये के पैकेज का पूरा भुगतान।
  3. छूटे पात्र परिवारों को सूची में जोड़ना और पारदर्शी सर्वे।
  4. मकान, कुआं, पेड़ जैसी संपत्ति का भुगतान और जलभराव से हुए नुकसान का सर्वे।
  5. भू-अर्जन कानून 2013 का जमीन पर पालन।

Free Press के मुताबिक आंदोलनकारी पात्रता की कट-ऑफ तारीख 2018 से बढ़ाकर 2026 करने की मांग भी कर रहे हैं।

4. प्रशासन का पक्ष

दैनिक जागरण के मुताबिक सागर संभाग के कमिश्नर दिलीप कुमार ने प्रभावित परिवारों को 10 अक्टूबर तक मुआवजा देने के निर्देश दिए थे और प्रशासन नया सर्वे करा रहा है। ETV भारत के मुताबिक तत्कालीन कलेक्टर उषा परमार ने 27 सितंबर को कहा था, "प्रत्येक पात्र विस्थापितों को निश्चित रूप से मुआवजा एवं अतिरिक्त मुआवजा राशि मिलेगी।" तहसील में विशेष सुनवाई प्रकोष्ठ बनाने की बात भी कही गई।

रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट में उषा परमार के हवाले से 90 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावितों को भुगतान होने की बात है। 14 अक्टूबर को उनकी जगह हर्ष सिंह पन्ना के कलेक्टर बने हैं।

5. अनशन, गिरफ्तारी और आगे क्या

The Wire के मुताबिक भटनागर ने 28 सितंबर से अनशन शुरू किया और 30 सितंबर को हनुमतपुर चौकी पर गिरफ्तारी दी। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार 28 सितंबर की शाम आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत को पुलिस ने हिरासत में लिया। पत्रिका के मुताबिक पुलिस ने इस पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की। पुलिस कार्रवाई के आरोपों पर भी पुलिस का पक्ष रिपोर्टों में नहीं आया।

एक नज़र में: 5 बड़ी बातें

  1. धरना 12 सितंबर से, शनिवार को 36वां दिन।
  2. अमित भटनागर का अनशन रिपोर्ट के मुताबिक 21वें दिन।
  3. सज्जन सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप मांगा।
  4. प्रशासन का दावा: 90% से ज्यादा भुगतान।
  5. 14 अक्टूबर से कलेक्टर हर्ष सिंह।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: चिता आंदोलन कहां चल रहा है?

उत्तर: अजयगढ़ तहसील के बहनरीकला टपरियन में, मझगांय बांध के भराव के पास।

प्रश्न: आंदोलन कौन चला रहा है?

उत्तर: अमित भटनागर के नेतृत्व में जय किसान संगठन।

प्रश्न: पुनर्वास पैकेज कितना है?

उत्तर: ETV भारत के मुताबिक 5 लाख से बढ़ाकर 12.5 लाख रुपये।

प्रश्न: प्रशासन क्या कहता है?

उत्तर: रॉयटर्स के मुताबिक 90% से ज्यादा प्रभावितों को भुगतान हो चुका है।

यह खबर 18 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अपने भुगतान की स्थिति तहसील कार्यालय अजयगढ़ या कलेक्टर कार्यालय पन्ना से पक्की करें।