ETV भारत की अप्रैल 2025 की रिपोर्ट एक कड़वी तस्वीर दिखाती है। सूरत, मुंबई और जयपुर में हीरा तराशने वाले पन्ना के कई कारीगर काम छूटने के बाद घर लौटे, और कुछ सब्ज़ी बेचने या डिलीवरी का काम करने लगे। हीरा पन्ना में निकलता है, चमकता बाहर है।
बांस का हाल भी कुछ ऐसा ही है। जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट में बसोर समाज के कारीगर नत्थू लाल बसोर ने कहा कि अब बच्चे यह काम सीखना नहीं चाहते। प्लास्टिक ने टोकरी और सूपा की माँग घटा दी है। तो हुनर से घर कैसे चले?
1. पन्ना में कौन सा हुनर है, और बाज़ार कहाँ खड़ा है
पहली बात साफ कर लें: पन्ना का 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) कोई हस्तशिल्प नहीं, आँवला है। यानी हस्तशिल्प के कारीगरों को अपना रास्ता दूसरी योजनाओं से बनाना होगा।
- हीरा तराशी: अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक 'Panna Diamond' को GI टैग मिला है। जनकपुर में डायमंड पार्क के लिए करीब 12.64 करोड़ रुपये मंज़ूर हुए थे, पर मई 2025 तक वह चालू नहीं हुआ था।
- बांस शिल्प: बसोर परिवार टोकरी, सूपा और डलिया बनाते हैं। बाज़ार घटा है, हुनर अब भी ज़िंदा है।
- पर्यटन से जुड़ा शिल्प: 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटन विभाग ने पन्ना के मड़ला के कारीगरों को हस्तशिल्प की नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया था।
2. PM Vishwakarma: ट्रेनिंग, औजार और लोन
यह योजना हाथ और औज़ार से काम करने वाले 18 तरह के कारीगरों के लिए है, जैसे बढ़ई, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, टोकरी-चटाई बनाने वाले और दर्ज़ी। PIB के सितंबर 2026 के दस्तावेज़ के मुताबिक बेसिक ट्रेनिंग 5 से 7 दिन की होती है, जिसमें 500 रुपये रोज़ का भत्ता मिलता है। 15,000 रुपये तक की टूलकिट सहायता भी है।
बिना गिरवी के लोन का प्रावधान दो किस्तों में है: पहली 1 लाख रुपये तक, 18 महीने के लिए, और दूसरी 2 लाख रुपये तक, 30 महीने के लिए, 5 प्रतिशत ब्याज पर। दूसरी किस्त के लिए पहली चुकाना और डिजिटल लेनदेन अपनाना या एडवांस ट्रेनिंग पूरी करना ज़रूरी है। लोन बैंक की जाँच के बाद ही मिलता है। उम्र कम से कम 18 साल, परिवार से एक ही सदस्य। पंजीकरण कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर मुफ्त है।
3. पहचान कार्ड: मेलों और योजनाओं की चाबी
विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय कारीगरों को पहचान (Pehchan) कार्ड देता है, जो आधार से जुड़ा होता है। PIB के मुताबिक इसी से हस्तशिल्प योजनाओं में ट्रेनिंग, डिज़ाइन वर्कशॉप, टूलकिट और मार्केटिंग की मदद मिलती है। दिल्ली हाट समेत सरकारी मेलों में स्टॉल के लिए आवेदन indian.handicrafts.gov.in पोर्टल पर पहचान कार्ड नंबर से लॉगिन कर होता है।
4. माल बेचें कहाँ: मेले, Mrignayanee, GeM और ऑनलाइन
मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम 'मृगनयनी' नाम से प्रदेश और बाहर हस्तशिल्प मेले लगाता है। मार्च 2026 में नागपुर में ऐसा मेला लगा था। सरकारी खरीद के पोर्टल GeM पर भी हस्तशिल्प की अलग श्रेणियाँ हैं और कारीगरों का पंजीकरण होता रहा है।
ऑनलाइन बिक्री के लिए Amazon का 'Karigar' और Flipkart का 'Samarth' कार्यक्रम कारीगरों के लिए बने हैं। जुड़ने से पहले कमीशन और रिटर्न के नियम खुद पढ़ें।
5. युवाओं के लिए पढ़ाई और ट्रेनिंग
NIFT के 2026 के सूचना बुलेटिन के मुताबिक B.Des में कारीगर और कारीगर के बच्चों के लिए अलग श्रेणी है। इसके लिए खुद या माता-पिता के नाम विकास आयुक्त (हस्तशिल्प या हथकरघा) का आर्टिजन कार्ड चाहिए, और 12वीं पास होना ज़रूरी है। चयन आर्टिजन स्किल टेस्ट और इंटरव्यू से होता है।
पन्ना का ग्रामीण स्वरोज़गार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहले हीरा कटिंग-पॉलिशिंग का मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण चला चुका है। अभी कौन से कोर्स चल रहे हैं, यह संस्थान से सीधे पूछें।
6. आदिवासी कारीगरों के लिए TRIFED
जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत TRIFED आदिवासी कारीगरों को 'Tribes India' से जोड़ने के लिए पैनल (empanelment) मेले लगाता है, जहाँ प्रोडक्ट डेवलपमेंट की ट्रेनिंग भी दी जाती है। पन्ना के आदिवासी कारीगर इसकी सूचना पर नज़र रखें।
आज ही कर लें ये 5 काम
- अपने हुनर का नाम PM Vishwakarma के 18 कामों में देखें।
- नज़दीकी CSC पर पंजीकरण की स्थिति पूछें।
- विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) का पहचान कार्ड बनवाएँ।
- अपने सामान की साफ फोटो और दाम की सूची तैयार रखें।
- उद्योग व्यापार केंद्र पन्ना में लोन और मेलों की जानकारी लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: PM Vishwakarma में कौन आवेदन कर सकता है?
उत्तर: 18 साल से ऊपर का कारीगर जो 18 तय कामों में से किसी में खुद का काम करता हो। परिवार से एक ही सदस्य।
प्रश्न: ट्रेनिंग में कितना भत्ता मिलता है?
उत्तर: 500 रुपये प्रतिदिन।
प्रश्न: लोन कितना और किस ब्याज पर?
उत्तर: पहली किस्त 1 लाख तक, दूसरी 2 लाख तक, 5 प्रतिशत ब्याज पर। मंज़ूरी बैंक की जाँच पर निर्भर।
प्रश्न: पहचान कार्ड से क्या फायदा?
उत्तर: सरकारी मेलों में स्टॉल का आवेदन, हस्तशिल्प योजनाओं की मदद और NIFT में कारीगर श्रेणी की पात्रता।
प्रश्न: क्या पन्ना का ODOP हस्तशिल्प है?
उत्तर: नहीं, पन्ना का ODOP आँवला है।
प्रश्न: क्या पन्ना में हीरा तराशने की फैक्ट्री है?
उत्तर: रिपोर्टों के मुताबिक अभी नहीं। जनकपुर में डायमंड पार्क प्रस्तावित है।
यह लेख 17 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। योजनाओं की शर्तें, पंजीकरण की स्थिति और लोन के नियम बदल सकते हैं। आवेदन से पहले pmvishwakarma.gov.in, indian.handicrafts.gov.in या उद्योग व्यापार केंद्र पन्ना से पुष्टि करें।
मुख्य तस्वीर प्रतीकात्मक है और AI से बनाई गई है।
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