सोयाबीन खेत से निकल चुकी है, पर मंडी में भाव MSP से नीचे हैं। प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन का औसत भाव 5,150 से 5,230 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि इस साल का MSP 5,708 रुपये है। यही अंतर भरने के लिए सरकार भावांतर योजना चला रही है।

पन्ना, अजयगढ़, पवई, गुनौर या शाहनगर, जिस किसान का पंजीयन बाकी है, उसके पास शनिवार 17 अक्टूबर तक का समय है। पंजीयन नहीं तो भावांतर का दावा भी नहीं।

एक नज़र में: खरीफ उपार्जन और खाद 2026
क्या जानकारी स्थिति
सोयाबीन भावांतर पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर चालू
सोयाबीन MSP 5,708 रुपये/क्विंटल 2026-27
धान, ज्वार, बाजरा पंजीयन 15 सितंबर से 10 अक्टूबर बंद
धान MSP (कॉमन / ग्रेड ए) 2,441 / 2,461 रुपये पिछले साल से 72 रुपये ज्यादा
खाद ई-विकास पोर्टल से ई-टोकन पन्ना में लागू

1. सोयाबीन: भावांतर पंजीयन के बचे दो दिन

भावांतर में किसान मंडी में फसल बेचता है और दाम MSP से कम मिला तो अंतर की राशि सरकार खाते में भेजती है। इस साल की दर अभी तय नहीं है; पिछले साल करीब 1,300 रुपये प्रति क्विंटल अंतर मिला था।

रतलाम के किसानों ने मॉडल रेट और भुगतान में देरी की शिकायत की है। फिर भी जिसकी उपज बिकनी बाकी है, उसके लिए पंजीयन ही सुरक्षा है।

2. पंजीयन कहाँ कराएँ, कौन सी शर्तें

ग्राम पंचायत, जनपद, तहसील और सहकारी समितियों के केंद्रों पर पंजीयन मुफ्त है। कियोस्क, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे में अधिकतम 50 रुपये लग सकते हैं। सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी सिर्फ सहकारी समिति के केंद्र पर पंजीयन करा सकते हैं।

  • खसरे और आधार में नाम अलग हो तो तहसील से सत्यापन जरूरी।
  • आधार सत्यापन OTP या बायोमेट्रिक से, बेचते समय भी।
  • संयुक्त, बंद पड़े और Paytm, Airtel, Fino खाते मान्य नहीं।

3. धान, ज्वार, बाजरा: पंजीयन बंद, अब खरीदी का इंतजार

10 अक्टूबर की सुबह तक प्रदेश में करीब 6.80 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें 6.77 लाख धान वाले थे। खरीदी की तारीखें अभी घोषित नहीं हुईं। पिछले साल खरीदी 1 दिसंबर से 20 जनवरी तक चली थी और स्लॉट बुक करके केंद्र व तारीख चुननी पड़ी थी ।

4. रबी की खाद: लाइन नहीं, ई-टोकन

रबी की बोनी के साथ DAP और यूरिया की माँग बढ़ेगी। पन्ना में खाद ई-विकास पोर्टल से बँट रही है। उप संचालक कृषि ओ.पी. तिवारी ने कहा था कि इससे हर किसान तक समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक पहुँचेगा। किसान आधार और खसरे से टोकन बनाकर तय समय में केंद्र से खाद उठाता है।इसके लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी जरूरी है।

आज ही कर लें ये 5 काम

  1. सोयाबीन वाले 17 अक्टूबर से पहले भावांतर पंजीयन कराएँ।
  2. आधार और खसरे में नाम मिलाएँ, फर्क हो तो तहसील जाएँ।
  3. आधार से जुड़ा चालू, अकेले नाम का बैंक खाता दें।
  4. धान का पंजीयन हुआ है तो रसीद और SMS संभालें।
  5. एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनवाकर खाद का ई-टोकन लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: भावांतर पंजीयन की आखिरी तारीख क्या है?

उत्तर: 17 अक्टूबर 2026, e-Uparjan पोर्टल पर।

प्रश्न: धान का पंजीयन छूट गया तो?

उत्तर: 10 अक्टूबर के बाद अवधि बढ़ने की कोई सूचना अभी तक नहीं मिली है। तहसील या सहकारी समिति से पूछें।

प्रश्न: धान खरीदी कब शुरू होगी?

उत्तर: तारीख अभी घोषित नहीं हुई। पिछले साल 1 दिसंबर से शुरू हुई थी।

प्रश्न: खाद का ई-टोकन कहाँ बनेगा?

उत्तर: ई-विकास पोर्टल (evikas.mpkrishi.mp.gov.in) पर, फार्मर आईडी से।

यह खबर 15 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। तारीखें और नियम बदल सकते हैं; पुष्टि तहसील, सहकारी समिति या उप संचालक कृषि कार्यालय पन्ना से करें।