मंगलवार की रात जब ज्यादातर पन्ना सो रहा था, भोपाल में सामान्य प्रशासन विभाग की सूची जारी हुई। बुधवार सुबह तक साफ हो चुका था कि जिले की कमान अब नए हाथों में जाएगी।
ऊषा परमार 2011 बैच की अफसर हैं। अक्टूबर 2025 में पन्ना उनकी पहली कलेक्टरी थी। यानी जिले में उनका कार्यकाल करीब एक साल का रहा।
1. आधी रात का आदेश, 11 जिलों में नए कलेक्टर
यह सूची मंगलवार देर रात जारी हुई। जबलपुर, नर्मदापुरम, सिंगरौली, रायसेन, बुरहानपुर, शाजापुर, हरदा, बालाघाट, मऊगंज, भिंड और पन्ना को नए कलेक्टर मिले।
2. कौन हैं हर्ष सिंह
हर्ष सिंह 2015 बैच के IAS हैं और जनवरी 2025 से बुरहानपुर के कलेक्टर थे। उससे पहले वे डिंडोरी के कलेक्टर रह चुके हैं। बुरहानपुर में वे अचानक गांव और स्कूल दौरों के लिए खबरों में रहे।
रिपोर्ट लिखे जाने तक उनके पन्ना में पदभार ग्रहण करने की आधिकारिक सूचना हमें नहीं मिली थी।
3. केन-बेतवा भू-अर्जन: बदलाव की वजह क्या बताई गई
सरकारी आदेश में किसी तबादले की वजह नहीं लिखी जाती। पन्ना में केन-बेतवा परियोजना के भू-अर्जन पर असरदार कार्रवाई न होने के कारण कलेक्टर बदले गए।
परियोजना के लिए जिन 21 गांवों में भू-अर्जन होना है, उनमें 7 पन्ना जिले के हैं। जमीन का मुआवजा 12.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर या कानूनी राशि, जो भी ज्यादा हो, तय है।
4. विस्थापितों की मांगें अब नई मेज पर
इस साल पन्ना में विस्थापितों के कई आंदोलन हुए। मार्च में उन्होंने कलेक्ट्रेट का घेराव कर परिसर में डेरा डाला, अप्रैल में चिता आंदोलन चला और सितंबर में सूली सत्याग्रह हुआ। मांगें वही हैं: पूरा मुआवजा, पारदर्शी पुनर्वास और सूची से छूटे परिवारों के नाम।
5. आम लोगों के लिए क्या बदलेगा
कलेक्टर बदलने से पुराने आवेदन खत्म नहीं होते। जनसुनवाई और CM हेल्पलाइन की शिकायतें विभागों में दर्ज रहती हैं। जिनका मामला लंबित है, वे आवेदन क्रमांक संभालकर रखें और नए कलेक्टर की पहली जनसुनवाई में दोबारा याद दिलाएं।
नए कलेक्टर के आते ही कर लें ये 5 काम
- जनसुनवाई के पुराने आवेदन का क्रमांक और रसीद संभालें।
- लंबित शिकायत CM हेल्पलाइन 181 पर दर्ज या ट्रैक करें।
- केन-बेतवा मुआवजा सूची में नाम और राशि तहसील से मिलाएं।
- सूची से नाम छूटा है तो दस्तावेजों के साथ लिखित आवेदन दें।
- जनसुनवाई का दिन और समय कलेक्ट्रेट से पक्का कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: पन्ना के नए कलेक्टर कौन हैं?
उत्तर: हर्ष सिंह, 2015 बैच के IAS, जो अब तक बुरहानपुर के कलेक्टर थे।
प्रश्न: ऊषा परमार को कहां भेजा गया?
उत्तर: भोपाल में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में अपर सचिव।
प्रश्न: क्या तबादले की वजह आदेश में लिखी है?
उत्तर: नहीं। केन-बेतवा भू-अर्जन वाली वजह मीडिया रिपोर्टों में बताई गई है।
प्रश्न: क्या मेरा पुराना आवेदन रद्द हो जाएगा?
उत्तर: नहीं, आवेदन विभाग में दर्ज रहता है। क्रमांक के साथ दोबारा याद दिलाएं।
यह खबर 16 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक आदेश और पदभार की जानकारी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश और जिला जनसंपर्क कार्यालय पन्ना से पुष्टि करें।
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