पन्ना जिले में शिक्षकों की लंबित और गंभीर समस्याओं को लेकर लगातार विरोध केस्वर तेज होते जा रहे हैं। इसी क्रम में आजाद अध्यापक शिक्षक संघ (जो कि अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अंतर्गत आता है) की जिला इकाई ने एकजुट होकर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। संघ द्वारा उठाई गई इन प्रमुख मांगों में शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से पूरी तरह छूट देने और पुरानी पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करने जैसी महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं। प्रशासनिक अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कड़े तेवर दिखाते हुए शासन-प्रशासन से जल्द ठोस निर्णय लेने की पुरजोर अपील की है।
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जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
पन्ना जिले में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विद्याचरण शर्मा के नेतृत्व में संघ के तमाम जिम्मेदार पदाधिकारियों और शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल प्रशासनिक मुख्यालय पहुँचा। यहाँ इन्होंने अपनी मांगों से जुड़ा हुआ ज्ञापन एसडीएम संजय नागवंशी को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान उन तमाम विसंगतियों और समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया, जिनसे लंबे समय से शिक्षक संवर्ग जूझ रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहा है।
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TET से छूट और पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना
संघ की ओर से रखी गई प्रमुख और शुरुआती मांगों में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किए जाने की बात प्रमुखता से उठाई गई है। इसके साथ ही, शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी किसी बाद की सेवा से न करके बल्कि उनकी पहली नियुक्ति की वास्तविक तारीख से किए जाने की मांग की गई है। शिक्षकों का तर्क है कि वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर इस तरह की परीक्षा का दबाव बनाना न्यायसंगत नहीं है।
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पुरानी पेंशन योजना, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की मांग
ज्ञापन में शिक्षक संवर्ग के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की पुरजोर माँग दोहराई गई है। इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्ति या सेवाकाल के दौरान मिलने वाले वित्तीय लाभों जैसे कि ग्रेच्युटी (उपदान) और अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ भी शिक्षकों को पात्रता के आधार पर प्रदान किए जाने की बात कही गई है, ताकि कर्मचारियों का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हो सके।
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गुरुजियों को नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता देने की मांग
पन्ना जिले में सौंपे गए इस ज्ञापन में विशेष रूप से गुरुजी संवर्ग के शिक्षकों के हितों को भी प्रमुखता से उठाया गया है। संघ ने मांग की है कि गुरुजी संवर्ग के अंतर्गत आने वाले सभी शिक्षकों को उनकी मूल नियुक्ति की तारीख से ही वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। इसके अलावा, वर्तमान समय में लागू की गई ऑनलाइन ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, जिसे पूरी तरह से बंद करने की मांग भी संघ द्वारा जोर-शोर से की गई है।
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सितंबर 2022 की हड़ताल का रुका वेतन और क्रमोन्नति के आदेश
ज्ञापन के अंत में संघ ने पिछले कुछ वर्षों से लंबित पड़े अन्य प्रशासनिक मामलों को शीघ्र निपटाने का आग्रह किया है। इसमें मुख्य रूप से सितंबर 2022 के दौरान हुई शिक्षकों की हड़ताल के समय रोका गया वेतन तुरंत जारी करने की मांग शामिल है। साथ ही, शिक्षकों की लंबे समय से अटकी पड़ी क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान से जुड़े आदेशों को भी जल्द से जल्द जारी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि शिक्षकों को उनका हक मिल सके।
image source : https://www.bhaskar.com
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