पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां गुरुवार सुबह जंगल से सटे इलाके में बकरियां चराने गई एक महिला पर बाघ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। पन्ना जिले की हिनौता ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। बाघ के इस अप्रत्याशित हमले में 48 वर्षीय गुलाब बाई आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से घायल महिला को तुरंत उपचार के लिए पन्ना जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका सघन उपचार जारी है।

खेत से लौटते समय हुआ हादसा

पन्ना जिले के हिनौता ग्राम पंचायत अंतर्गत घटित इस घटना के संबंध में प्राप्त विवरण के अनुसार, 48 वर्षीय गुलाब बाई आदिवासी गुरुवार सुबह रोजाना की तरह हिनौता गांव के पास स्थित क्षेत्र में अपनी बकरियां चराने के लिए गई हुई थीं। दिन चढ़ने के बाद जब वह अपनी बकरियों को चराकर खेत के रास्ते से वापस घर लौट रही थीं, तभी यह खौफनाक हादसा पेश आया।

लौटते समय गुलाब बाई बकरियों को हांकने के साथ-साथ रास्ते में सूखी लकड़ियां भी समेट रही थीं। इसी दौरान रास्ते के किनारे घनी झाड़ियों में घात लगाकर पहले से बैठे एक बाघ ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया।

झाड़ियों से अचानक निकला बाघ, पीठ पर किया वार

जिला अस्पताल पन्ना में उपचाराधीन गुलाब बाई आदिवासी ने घटना की आपबीती बताते हुए कहा कि वह सामान्य रूप से अपनी बकरियों को आगे बढ़ाते हुए घर की ओर बढ़ रही थीं और साथ में चूल्हे के उपयोग के लिए सूखी लकड़ियां बीन रही थीं। उन्हें इस बात का तनिक भी भान नहीं था कि झाड़ियों के भीतर जंगली जानवर छिपा बैठा है।

जैसे ही वह झाड़ियों के नजदीक पहुंचीं, झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक अत्यंत तेज गति से उन पर हमला बोल दिया। बाघ ने सीधे उनकी पीठ पर जोरदार वार किया। बाघ के हमले के अप्रत्याशित झटके और भारी दबाव के कारण गुलाब बाई अपना संतुलन खो बैठीं और सीधे जमीन पर गिर पड़ीं। जमीन पर गिरते ही बाघ ने उन्हें दबोचने का प्रयास किया, जिससे वह लहूलुहान हो गईं।

महिला की चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण

अचानक हुए इस प्राणघातक हमले के बाद भी गुलाब बाई ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उनके चिल्लाने और चीखने-पुकारने की तेज आवाजें सुनकर आसपास के खेतों और रास्तों पर मौजूद ग्रामीण तुरंत सतर्क हो गए। अनहोनी की आशंका को भांपते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण बिना किसी देरी के चिल्लाते हुए घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।

ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर तेजी से शोर मचाना और हाका लगाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के भारी संख्या में जुटने और उनके द्वारा किए गए जोरदार शोर-शराबे की आवाज सुनकर बाघ घबरा गया। ग्रामीणों के एकजुट प्रतिरोध और बढ़ते शोर के दबाव में आकर बाघ घायल महिला को वहीं छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। बाघ के भागते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जमीन पर पड़ी लहूलुहान गुलाब बाई को संभाला।

पन्ना जिला अस्पताल में भर्ती, उपचार जारी

घटना के फौरन बाद ग्रामीणों और परिजनों ने बिना किसी विलंब के गंभीर रूप से घायल गुलाब बाई आदिवासी को प्राथमिक उपचार के लिए सीधे पन्ना जिला अस्पताल पहुंचाया। पन्ना जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रियाएं शुरू कीं।

पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर बाघ के पंजों के वार से गंभीर चोटें आई हैं। पन्ना जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा महिला की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उनका समुचित इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में महिला की हालत गंभीर बताई गई है।

ग्रामीणों में भय का माहौल, वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग

पन्ना जिले के हिनौता गांव के समीप दिनदहाड़े घटित इस बाघ हमले की घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा भय और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास और खेतों के समीप जंगली जानवरों की मौजूदगी से हमेशा खतरा बना रहता है। लोग अपने दैनिक कार्यों, खेती-किसानी और मवेशियों को चराने के लिए खेतों की तरफ जाने से भी कतराने लगे हैं।

इस घटना के मद्देनजर हिनौता ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और प्रशासन से तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि गांव और रिहायशी बस्तियों से लगे वन क्षेत्रों व खेतों के रास्तों पर वन अमले द्वारा नियमित और सघन गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के जानलेवा हमलों की पुनरावृत्ति न हो सके और क्षेत्र के लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।

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