पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगायं और रूंझ बांध परियोजनाओं से विस्थापित होने वाले किसानों और स्थानीय ग्रामीणों का असंतोष अब एक बड़े और उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है। उचित और न्यायसंगत मुआवजे के साथ-साथ सही पुनर्वास की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे इन ग्रामीणों के समर्थन में मंगलवार को माहौल पूरी तरह से गरमा गया। प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों और किसानों पर दर्ज किए गए पुलिस मुकदमों के विरोध में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। जय किसान संघ के नेतृत्व में महिलाओं की भारी भागीदारी के साथ किसानों ने पन्ना जिले के अजयगढ़ थाने के अंतर्गत आने वाली हनुमतपुर पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी सामूहिक गिरफ्तारी देने का ऐतिहासिक ऐलान किया, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया।

पुलिस छावनी में तब्दील हुई हनुमतपुर चौकी और ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन

किसानों के उग्र तेवर, बढ़ते गुस्से और अचानक जुटी भारी भीड़ की संभावना को भांपते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने हनुमतपुर पुलिस चौकी को एक बड़े पुलिस छावनी के रूप में तब्दील कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सामूहिक गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे सैलाब के रूप में ग्रामीणों ने अपने हाथ हवा में उठाकर शासन और प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ जमकर और जोरदार नारेबाजी की। आपको बता दें कि इस बड़े प्रदर्शन से ठीक एक दिन पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस आंदोलन से जुड़ीं दो महिलाओं, दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत को भी गिरफ्तार कर लिया था, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।

'यह लोकतंत्र की हत्या है, प्रशासन कर रहा है बर्बरता'

सामूहिक गिरफ्तारी देने के लिए पुलिस चौकी पहुंचे प्रमुख किसान नेता अमित भटनागर ने पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई पर बेहद कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने शासन-प्रशासन के रवैये को खुलेआम 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने मीडिया और जनता के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि जिन निर्दोष किसानों और ग्रामीणों के पुश्तैनी घर और गांव विकास परियोजनाओं के डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, वे लोग पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से चिता पर लेटकर केवल अपने जायज हक की मांग कर रहे थे।

अमित भटनागर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी प्रकार का चक्काजाम या हिंसा किए पुलिस ने सीधे ग्रामीणों के घरों के अंदर घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट जैसी घटनाएं की हैं। इसके अलावा, आंदोलनकारियों को परेशान करने के लिए उनके घरों के बिजली और पानी के कनेक्शन तक काट दिए गए हैं और उनके कई साथियों के साथ अमानवीय बर्बरता की गई है, जो कतई सहन करने योग्य नहीं है।

जेल के भीतर भी जारी रहेगा अनशन: अमित भटनागर

किसान नेता अमित भटनागर ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए ऐलान किया कि इस तरह के पुलिसिया दमन और जुल्म से किसानों की यह जायज लड़ाई रुकने वाली बिल्कुल नहीं है। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजती है, तो भी जेल के भीतर उनका अनशन पूरी निष्ठा के साथ लगातार जारी रहेगा।

अमित भटनागर ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अब यह आंदोलन केवल पन्ना जिले की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह अन्याय के खिलाफ पूरे देश में फैलेगा। मौके पर मौजूद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने अपने हाथ उठाकर उनके इस साहसिक निर्णय का जोरदार समर्थन किया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद पन्ना जिले के इस क्षेत्र में माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है, और पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।

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