मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण बृजपुर तालाब का बांध कटाव के कारण गंभीर खतरे की चपेट में आ गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते इस बांध में पानी का रिसाव और कटाव खतरनाक रूप से बढ़ चुका है, जिसके कारण यह बांध कभी भी फूट सकता है। पन्ना जिले के इस क्षेत्र में हालात इतने नाजुक हो चुके हैं कि यदि समय रहते इसकी उचित मरम्मत नहीं की गई, तो निचले इलाकों में भारी तबाही और तगड़ा नुकसान हो सकता है। पन्ना जिले के किसान और स्थानीय ग्रामीण इस आसन्न खतरे को लेकर बेहद सहमे हुए हैं और प्रशासनिक अमले की नींद उड़ चुकी है।
किसानों की आजीविका और फसलों पर संकट
पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र में स्थित यह तालाब केवल एक जलस्रोत मात्र नहीं है, बल्कि इस पर प्रत्यक्ष रूप से लगभग 200 से 300 किसानों की आजीविका पूरी तरह से निर्भर करती है। लगातार हो रही बारिश और बांध के कटाव से निकलने वाले तेज बहाव के कारण क्षेत्र की खरीफ की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। किसानों की चिंता इस बात को लेकर सबसे अधिक है कि यदि यह बांध पूरी तरह से टूट जाता है, तो खेतों में खड़ी मौजूदा फसलें पलक झपकते ही पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। इसके अलावा, आने वाले समय में रबी की फसल के लिए सिंचाई के पानी का एक बहुत बड़ा संकट पन्ना जिले के इन किसानों के सामने खड़ा हो जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक कमर टूट सकती है।
निचले इलाकों और रिहायशी बस्तियों पर बाढ़ का खतरा
पन्ना जिले के इस बांध के निचले हिस्से में कटाव दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। यदि दुर्भाग्यवश यह बांध फूट जाता है, तो दमचुआ, धनुजा और इसके आसपास के तमाम रिहायशी इलाकों तथा उपजाऊ खेतों में अचानक बाढ़ आ सकती है। पन्ना जिले के इन इलाकों में पानी भरने से न केवल खड़ी फसलें तबाह होंगी, बल्कि वहां बंधे मवेशियों और बस्तियों में रहने वाले आम नागरिकों की जान पर भी भारी संकट आ सकता है। प्रशासन की ओर से यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति पन्ना जिले में एक बड़ी मानवीय और प्राकृतिक आपदा का रूप ले सकती है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र में इस जर्जर बांध के पास से केवल किसानों का आना-जाना ही नहीं होता, बल्कि यह रास्ता स्कूली बच्चों के लिए भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है। प्रतिदिन लगभग 40 से 50 स्कूली बच्चों को लेकर जाने वाले वाहन इसी बांध के पास से होकर गुजरते हैं। बांध में लगातार हो रहे कटाव और सड़क के धंसने की आशंका के चलते कभी भी एक बड़ा हादसा घटित हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक बेहद चितिंत हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर और आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद जब ग्रामीणों ने संबंधित सब-इंजीनियर नवदीप से संपर्क साधने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों और किसानों का दर्द
पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और किसानों ने इस गंभीर समस्या पर अपनी खुलकर बात रखी है। क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी रूपेश कुमार जैन ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि बृजपुर तालाब का बांध अत्यधिक जर्जर हो चुका है। शुरुआत में यहां एक छोटा सा छेद हुआ था, जो अब विकराल रूप धारण करके 4 से 5 फीट गहरा गड्ढा बन चुका है और इस गड्ढे से भारी मात्रा में पानी लगातार बह रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इसे आज-कल में ठीक नहीं किया गया, तो पानी सीधे गांवों और लोगों के घरों के अंदर घुस जाएगा। एक अन्य किसान संतोष कुमार अहिरवार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कटाव बहुत ज्यादा बढ़ चुका है और नीचे से पानी का रिसाव होने से गड्ढा लगातार बड़ा होता जा रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक तालाब के अस्तित्व पर ही बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
अधिकारियों की उदासीनता और चेतावनी
पन्ना जिले के बृजपुर क्षेत्र के एक और स्थानीय निवासी राजेश अहिरवार ने प्रशासनिक लापरवाही पर पर्दाफाश करते हुए बताया कि उन्होंने सब-इंजीनियर साहब को कई-कई बार फोन किया, लेकिन उनका फोन या तो लगातार स्विच ऑफ बताता रहा या फिर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रविवार 27 सितंबर को रातों-रात इस बांध की युद्धस्तर पर मरम्मत नहीं की गई, तो यह बांध कभी भी टूट सकता है। पन्ना जिले के इन किसानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के तमाम उच्च अधिकारियों से यह पुरजोर मांग की है कि वे तुरंत मौके पर पहुंचकर खुद मुआयना करें और बिना किसी देरी के मरम्मत कार्य शुरू करवाएं। किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो जान-माल का ऐसा भारी नुकसान होगा जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकेगी।
image source: https://www.bhaskar.com
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