दक्षिण पन्ना वनमंडल में गिद्ध संरक्षण के प्रयास फलीभूत: 2026 में रिकॉर्ड 942 गिद्ध दर्ज
दक्षिण पन्ना वनमंडल में गिद्ध संरक्षण के प्रयास अब रंग लाते दिख रहे हैं। 2026 की गिद्ध गणना के पहले ही दिन 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक संख्या है और क्षेत्र में जैव विविधता के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
गिद्धों को पर्यावरण का 'सफाईकर्मी' कहा जाता है, क्योंकि ये मृत जानवरों का मांस खाकर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखते हैं। इनकी तेज नजर और लंबी, मजबूत पंख इन्हें ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।
गिद्ध गणना 2026: एक विस्तृत अवलोकन
- 2026 में कुल 942 गिद्ध दर्ज किए गए, जो 2025 के 762 और 2024 के 648 गिद्धों की तुलना में काफी अधिक है।
- गणना के दौरान सात प्रजातियों के गिद्ध दर्ज किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से इंडियन गिद्ध, इजिप्शियन गिद्ध, व्हाइट-रम्प्ड गिद्ध, हिमालयन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन, सिनेरेयस गिद्ध और रेड-हेडेड गिद्ध शामिल हैं।
- इजिप्शियन गिद्धों की संख्या सबसे अधिक पाई गई।
- गणना के दौरान पवई परिक्षेत्र में सबसे अधिक गिद्ध दर्ज किए गए, जहां गणना दल का नेतृत्व परिक्षेत्र अधिकारी नितेश पटेल ने किया।
इस वर्ष की गणना से क्षेत्र में गिद्ध संरक्षण के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह उपलब्धि दक्षिण पन्ना वनमंडल की जैव विविधता को सुरक्षित रखने और गिद्धों के महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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