नेशनल लोक अदालत में 3 करोड़ से अधिक की अवार्ड राशि पारित
राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार, शनिवार को जिला न्यायालय पन्ना, पवई और अजयगढ़ में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस आयोजन के तहत आपसी राजीनामा के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण कर 3 करोड़ 1 लाख 29 हजार 95 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इस अवसर पर कुल 983 व्यक्ति लाभांवित हुए।
जिला न्यायालय पन्ना में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शरत चन्द्र सक्सेना ने मां वीणावादिनी और महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस दौरान पक्षकारों से अधिकाधिक प्रकरणों का राजीनामा कर लंबी न्यायिक प्रक्रिया से मुक्ति पाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रूपेश शर्मा, विशेष न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी प्रदीप कुशवाह, जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र मेश्राम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजकुमार गौड़ समेत अन्य प्रमुख न्यायिक अधिकारी और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
प्रकरणों का सफल निराकरण
नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय पन्ना में 8 और तहसील न्यायालय पवई एवं अजयगढ़ में क्रमशः 3 एवं 1 खंडपीठ का गठन किया गया था। इस लोक अदालत में 627 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड़ 14 लाख 52 हजार 255 रुपये और 220 लंबित प्रकरणों का निराकरण कर 1 करोड़ 86 लाख 76 हजार 840 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
संपत्ति और वैवाहिक विवादों का समाधान
- संपत्ति विवाद: बेनीसागर मोहल्ला स्थित मकान के स्वामित्व और उपयोग संबंधी विवाद का सफल समाधान किया गया। वादी राजेन्द्र प्रसाद वाजपेयी और राजकिशोर के बीच संपत्ति विवाद का त्वरित समाधान हुआ।
- वैवाहिक विवाद: एक दंपत्ति ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया। अतुल पाण्डेय और आकांक्षा के मामले में, लोक अदालत ने वैवाहिक विवाद का सौहार्द्रपूर्ण समाधान किया।
इस आयोजन से प्रतिभागियों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और आपसी सहमति से विवादों का त्वरित समाधान संभव हो सका।
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