पन्ना टाइगर रिजर्व में वनरक्षक पर गिरी गाज: अवैध कटाई के आरोप में निलंबित

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाला वनरक्षक ही अवैध कटाई में लिप्त पाया गया है। यह मामला पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर ज़ोन क्षेत्र का है, जहां आरोपी वनरक्षक को वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

लंबे समय से चल रही थी अवैध कटाई

सूत्रों के अनुसार, पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर ज़ोन क्षेत्र में तैनात वनरक्षक संतोष प्रजापति पर लंबे समय से अवैध रूप से सागौन के पेड़ों की कटाई कराने के आरोप लग रहे थे। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह संरक्षण के बजाय जंगलों की अवैध कटाई को बढ़ावा दे रहा है।

गोपनीय जांच में खुलासा

शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने गोपनीय जांच शुरू की। जब जांच में आरोप सही पाए गए, तो टीम ने आरोपी के निवास पर दबिश दी। तलाशी के दौरान, घर से 2255 घन मीटर अवैध सागौन की लकड़ी बरामद की गई, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।

वनरक्षक हुआ फरार

कार्रवाई के दौरान, आरोपी वनरक्षक संतोष प्रजापति फरार हो गया। विभाग ने उसे तत्काल निलंबित करते हुए उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। वन विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों की सख्त चेतावनी

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पन्ना टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में से एक है, जहां वन्यजीवों और कीमती वृक्षों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में विभाग के ही कर्मचारी द्वारा अवैध कटाई किया जाना गंभीर चिंता का विषय है।