पन्ना जिले की पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर चोरों को रीवा से गिरफ्तार किया है। पन्ना पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद रीवा जिले के सेमरिया से इन अपराधियों को पकड़ा। इन चोरों की गिरफ्तारी से न केवल पन्ना शहर में हुई पांच बड़ी चोरियों का खुलासा हुआ है, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाले तीन सुनारों को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह कार्रवाई पन्ना पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

ऑपरेशन का विवरण: तकनीक और मेहनत का मेल

पन्ना पुलिस के अनुसार, चोरों की पहचान आशीष उर्फ लाले कुशवाहा (26 वर्ष, निवासी पिपरा, रीवा) और सुनील कुशवाहा उर्फ ललवा (30 वर्ष, निवासी सिमरिया, रीवा) के रूप में हुई है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए पन्ना पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने पन्ना और आसपास के कई जिलों में फैले 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। साइबर सेल की मदद से चोरों के भागने के रास्तों की सटीक रूट मैपिंग की गई। पुख्ता सुराग मिलने के बाद, पन्ना पुलिस की टीम ने रीवा के सेमरिया में दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कार्यप्रणाली: दिन में रेकी और रात में वारदात

पन्ना कोतवाली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने बताया कि आरोपी अत्यधिक शातिर थे। उनकी कार्यप्रणाली का मुख्य हिस्सा दिन के समय की गई रेकी थी। वे ऐसे सूने मकानों और दुकानों को चिन्हित करते थे, जिन पर ताला लगा होता था। मौका मिलते ही, वे ताला तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। इन आरोपियों का नेटवर्क केवल पन्ना तक सीमित नहीं था, बल्कि ये सतना, रीवा, सीधी और कटनी जैसे जिलों में भी कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं। पन्ना पुलिस अब इन अन्य जिलों के मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिसिया पूछताछ में 5 वारदातों का खुलासा

पुलिस की सघन पूछताछ में आरोपियों ने पन्ना शहर में की गई पांच बड़ी चोरियों को स्वीकार किया है:

  • रमपुरा क्षेत्र: आरोपियों ने एक ही रात में तीन घरों के ताले तोड़कर जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया था।

  • पुरुषोत्तमपुर: एक दुकान का ताला तोड़कर ₹35,000 की नगदी चोरी की गई थी।

  • डायमंड चौराहा: सार्वजनिक स्थान पर एक महिला के गले से सोने की चेन झपटने की घटना को अंजाम दिया गया था।

  • महाराजा कॉलोनी: एक सूने मकान में सेंधमारी कर ₹1.70 लाख के कीमती जेवर और नकदी चुराए गए थे।

  • साइंस कॉलेज के पीछे: एक सरकारी आवास में घुसकर गोदरेज लॉकर को तोड़कर कीमती आभूषणों की चोरी की गई थी।

अपराध में संलिप्त सुनार और बरामदगी

चोरों के पकड़े जाने के बाद कड़ी पूछताछ में उन्होंने चोरी का माल खरीदने वाले सराफा व्यापारियों के नाम भी उजागर किए। पुलिस ने इन व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया है, जो चोरों से बहुत कम दामों में चोरी का सोना-चांदी खरीदते थे। गिरफ्तार किए गए सुनारों में प्रमोद उर्फ मामा सोनी (निवासी बाबूपुर, सतना), कपिल सोनी (निवासी रीवा) और अरविन्द सोनी (निवासी टिकुरिया मोहल्ला, सतना) शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग ₹2 लाख के जेवर, नकदी और वारदात में प्रयुक्त वाहन जब्त किया है। बरामद सामान में 1 सोने का मंगलसूत्र, 1 सोने की अंगूठी, 1 सोने की बेंदी, नाक की कील, 4 चांदी की बिछिया, 4 संतान साते चूड़ी, 2 चांदी की पायल, 2 चांदी के सिक्के, 4 चांदी के छल्ले, ₹12,500 नकद, 1 मोबाइल फोन, 1 सौर ऊर्जा की छतरी और पीतल की गुंडी शामिल है। इसके अतिरिक्त, चोरी की घटनाओं में उपयोग की जाने वाली काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल (नंबर- MP19MR5332) को भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस प्रशासन की सतर्कता

पन्ना जिले में लगातार हो रही चोरियों से आम नागरिक परेशान थे। इस गिरफ्तारी के बाद पन्ना पुलिस ने राहत की सांस ली है। पन्ना पुलिस की यह टीम सराहनीय है, जिसने न केवल चोरों को पकड़ा, बल्कि सुनारों को भी कानून के दायरे में खड़ा किया। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा और आम जनता को सुरक्षित माहौल प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है। यह मामला सभी के लिए एक सबक है कि सतर्कता और सीसीटीवी जैसे सुरक्षा उपकरण अपराधियों को पकड़ने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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