मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपना लिया है। जिले में लगातार दूसरे दिन चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान के दौरान विभाग ने शहर के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर अवैध शराब का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई ने यह उजागर किया है कि किस प्रकार ढाबों और किराना दुकानों की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर शराब का अवैध व्यापार फल-फूल रहा था।
कार्रवाई का विवरण: सतना बैरियर पर धावा
आबकारी विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर पन्ना के सतना बैरियर स्थित 'साईं कृपा ढाबे' पर अचानक छापेमारी की। तलाशी के दौरान टीम को ढाबे के फ्रिज से भारी मात्रा में अवैध बीयर बरामद हुई। आबकारी अधिकारियों ने वहां से किंगफिशर ब्रांड की 20 बोतलें और 27 कैन जब्त कीं, जो कुल मिलाकर 26.5 बल्क लीटर बनती हैं।
इस अवैध कारोबार में लिप्त आरोपी जितेंद्र राय (40 वर्ष), जो रानीगंज मोहल्ला का निवासी है, को मौके से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 36(क) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई ढाबों पर शराब परोसने वाले माफियाओं के लिए एक सख्त चेतावनी है।
किराना दुकान बनी अवैध शराब का अड्डा
छापेमारी का दूसरा मुख्य केंद्र आगरा मोहल्ला स्थित वेटनरी हॉस्पिटल रोड था। यहाँ रोशन सिंह बुंदेला (27 वर्ष) द्वारा एक किराना दुकान की आड़ में शराब का अवैध धंधा चलाया जा रहा था। टीम ने जब दुकान की गहन तलाशी ली, तो वहां से देसी शराब के 46 पाव बरामद किए गए।
आरोपी ने कानून की नजरों से बचने के लिए किराना सामान के पीछे शराब छिपा रखी थी, लेकिन आबकारी विभाग की सतर्कता के आगे उसकी चाल कामयाब नहीं हो सकी। आरोपी रोशन सिंह के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया है।
सार्वजनिक स्थलों पर सख्ती: खुले में पीने वालों पर नकेल
केवल दुकानदारों और ढाबा संचालकों पर ही नहीं, बल्कि आबकारी टीम ने शहर के उन स्थानों पर भी विशेष निगरानी बढ़ा दी है, जहां खुले में शराब पीना आम हो चुका था। आबकारी विभाग के जवानों ने बस स्टैंड, ऐतिहासिक बेनीसागर तालाब, गल्ला मंडी और दहलान ताल जैसे संवेदनशील इलाकों में रात के समय गश्त की।
इस अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वाले लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही, इन इलाकों में अंडा और नमकीन का व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि उनकी दुकानों के आसपास सड़क पर शराब पिलाते हुए कोई पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दुकान का लाइसेंस भी निरस्त कराया जा सकता है।
प्रशासन का संदेश: अपराधियों में बढ़ रहा डर
आबकारी विभाग के इस दो दिवसीय अभियान ने शहर में अवैध शराब विक्रेताओं के बीच हलचल मचा दी है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पन्ना जिले को अवैध शराब मुक्त बनाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि समाज में अपराध का ग्राफ भी बढ़ता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी छापेमारी जारी रहेगी और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पन्ना पुलिस और आबकारी विभाग की यह संयुक्त सक्रियता स्थानीय नागरिकों के लिए राहत की खबर है, जो लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर बढ़ती अराजकता और अवैध शराब के व्यापार से परेशान थे।
निष्कर्ष
पन्ना में हुई यह कार्रवाई एक व्यवस्थित प्रशासनिक प्रयास को दर्शाती है, जहाँ साक्ष्य जुटाने से लेकर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने तक की प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी से निभाया गया है। जब तक समाज में सक्रिय ऐसे अवैध ठिकानों को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक कानून-व्यवस्था का पूरी तरह से पालन करना कठिन होता है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
image source: https://www.bhaskar.com
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