मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पाठा में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला चलती हुई बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। यह पूरा घटनाक्रम तब घटित हुआ जब महिला अपने नाती के साथ किसी आवश्यक कार्य से घर से निकली थी। सड़क हादसे का मुख्य कारण बाइक के पिछले पहिए में साड़ी का पल्लू फंसना बताया जा रहा है, जिसने एक सामान्य सफर को हादसे में बदल दिया।

क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पाठा की निवासी 65 वर्षीय बृज रानी आदिवासी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते खुजली की दवा लेने के लिए अपने नाती विक्रम के साथ बाइक पर सवार होकर रक्सेहा की ओर जा रही थीं। बाइक सवार दोनों लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन बुलखुरा के पास पहुंचते ही अचानक उनकी साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले पहिए में उलझ गया। जैसे ही साड़ी का पल्लू पहिए में फंसा, महिला का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सीधे सड़क पर जा गिरीं।

गंभीर चोटों का शिकार हुईं बृज रानी इस हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिला के सिर, कंधे और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। सड़क पर गिरने के कारण उन्हें काफी रक्तस्राव भी हुआ। हालांकि, इस घटना में गनीमत यह रही कि बाइक चला रहे उनके नाती विक्रम ने अपनी सूझबूझ का परिचय दिया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर पलटी नहीं। यदि बाइक भी साथ में पलट जाती, तो दुर्घटना का परिणाम और भी अधिक विनाशकारी हो सकता था। इस हादसे के बाद विक्रम बाल-बाल बच गया, लेकिन उसकी नानी बृज रानी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गईं।

स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता हादसा होते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद के लिए हाथ बढ़ाया। आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने रुककर घायल महिला की स्थिति देखी और तुरंत स्थानीय एम्बुलेंस या निजी वाहन की सहायता से उन्हें जिला अस्पताल पन्ना ले जाने की व्यवस्था की। पन्ना जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचते ही चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। वर्तमान में महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है और चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

पन्ना सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल

सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे दैनिक जीवन में सुरक्षा के प्रति बरती गई छोटी सी लापरवाही कितनी महंगी पड़ सकती है। पन्ना जिले की इन ग्रामीण सड़कों पर अक्सर ऐसे हादसे देखने को मिलते हैं, जहाँ दोपहिया वाहनों पर साड़ी या दुपट्टा फंसने के कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

बाइक की सवारी में सावधानी क्यों आवश्यक है? दोपहिया वाहन चलाते समय परिधान का चयन विशेष महत्व रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाइक की पिछली सीट पर बैठने वाली महिलाओं को अपनी साड़ी के पल्लू या दुपट्टे को बहुत सावधानी से व्यवस्थित करना चाहिए। चलती हुई बाइक में पहिए के पास साड़ी का एक सिरा भी यदि अंदर चला जाए, तो वह पलक झपकते ही पहिए में लपेटकर महिला को खींच लेता है। इस मामले में भी यही हुआ; जैसे ही साड़ी पहिए के चेन या स्पोक्स में फंसी, महिला का शरीर झटके के साथ सड़क पर गिरा।

प्रशासन की भूमिका और जागरूकता पन्ना जिले के प्रशासन और यातायात विभाग को समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा अभियान चलाने की आवश्यकता है। केवल हेलमेट पहनना ही सुरक्षा नहीं है, बल्कि बाइक पर बैठते समय साड़ी, दुपट्टे या अन्य खुले कपड़ों को सुरक्षित तरीके से बांधना भी अनिवार्य है। इस हादसे ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचलों में जागरूकता कार्यक्रमों का पहुंचना अभी भी बाकी है।

पन्ना जिला अस्पताल में उपचाराधीन बृज रानी

चिकित्सकों की कड़ी निगरानी पन्ना जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, बृज रानी को सिर में गंभीर चोट है। सिर में चोट होने के कारण अगले 24 से 48 घंटे उनके लिए काफी संवेदनशील हैं। कंधे और पैरों की चोटों के लिए एक्स-रे और अन्य मेडिकल जांचें की जा रही हैं ताकि किसी भी फ्रैक्चर की पुष्टि की जा सके। फिलहाल, उनके परिवार के सदस्य अस्पताल में मौजूद हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

हादसे के बाद नाती की मनोस्थिति अपने नानी के साथ हुए इस अचानक हादसे से नाती विक्रम सदमे में है। हालांकि उसे शारीरिक रूप से कोई बड़ी चोट नहीं आई, लेकिन नानी के गंभीर रूप से घायल होने का गहरा असर उसके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा है। वह बार-बार यही कह रहा है कि यदि साड़ी का पल्लू थोड़ा पहले देख लिया होता या उसे बांध लिया होता, तो शायद यह हादसा न हुआ होता। यह पछतावा उस हर व्यक्ति के लिए सबक है जो बाइक पर सवार होते समय अपनी सुरक्षा के प्रति उदासीन रहता है।

निष्कर्ष पन्ना जिले के पाठा गांव से आई यह घटना एक चेतावनी है। सड़क हादसे कभी बताकर नहीं आते, लेकिन सावधानी अपनाकर हम उनके जोखिम को कम जरूर कर सकते हैं। बृज रानी आदिवासी का इलाज जारी है और पूरा पन्ना जिला उनके स्वास्थ्य में सुधार की कामना कर रहा है। सुरक्षा केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि घर से निकलते समय अपने परिधान और वाहन की स्थिति की जांच करना भी है।

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