जिले में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए कलेक्टर ऊषा परमार के सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने ग्रीष्मकाल में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए प्रमुख कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ऊषा परमार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जंगलों और फसलों में आगजनी की घटनाओं की सूचनाएं लगातार प्राप्त हो रही हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड वाहन और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं को तत्परता से तैयार रखने का आदेश दिया गया है।
- फायर ब्रिगेड की तत्परता: आगजनी की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को तत्काल घटना स्थल पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
- समुचित व्यवस्थाएं: आग बुझाने की समुचित व्यवस्था न होने से फसलें और जंगलों के नष्ट होने की संभावना रहती है।
- सतर्कता और रिपोर्टिंग: समय-समय पर की गई कार्यवाही की रिपोर्टिंग भी आवश्यक मानी गई है।
जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि उचित और समय पर कदम उठाकर आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके, जिससे जन और धन की हानि को रोका जा सके।
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