पन्ना जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी बीच पन्ना जिले से एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहाँ हरसा-बगोंहा नाले के पुल के ऊपर से पानी की तेज धार बह रही है। इसके बावजूद ग्रामीण और पर्यटक अपनी जान को जोखिम में डालकर इस उफनते नाले को पार करने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन की उदासीनता के कारण इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की बैरिकेडिंग या सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं की गई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
उफनते नाले में ग्रामीणों का संघर्ष और पर्यटकों की जोखिम भरी यात्रा
हरसा-बगोंहा नाले पर पानी का बहाव इतना तेज है कि आम दिनों का रास्ता एक खतरनाक दरिया बन चुका है। स्थिति यह है कि स्थानीय ग्रामीण एक-दूसरे को सहारा देकर और लोगों को अपने कंधों पर उठाकर नाला पार करवा रहे हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए चलने वाली सफारी जिप्सियां भी इस तेज बहाव के बीच से गुजरती हुई नजर आ रही हैं। पानी के तेज बहाव के बीच इन गाड़ियों के गुजरने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप: प्रशासन की ओर से सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि नाले पर सुरक्षा के लिहाज से न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही पुलिस या सुरक्षा गार्ड्स को तैनात किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के मौसम में हर साल यह नाला उफान पर आता है, इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते हैं।
ग्रामवासी राकेश यादव ने इस समस्या के बारे में बताते हुए कहा कि हर बार बारिश के मौसम में यह नाला उफान पर आ जाता है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहले भी जिले के कलेक्टर को आवेदन सौंपकर नाले के पास बैरिकेडिंग करवाने की पुरजोर मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं, एक अन्य स्थानीय निवासी सौरभ राजा ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तेज बहाव में थोड़ी सी भी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस पर संज्ञान नहीं लिया और सुरक्षा गार्ड्स तैनात नहीं किए, तो कभी भी कोई भारी जनहानि हो सकती है।
मंडा थाना प्रभारी का बयान: जल्द की जाएगी सुरक्षा व्यवस्था
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। मंडा थाना प्रभारी बखत सिंह ने इस स्थिति पर बात करते हुए कहा कि नाला उफान पर आते ही लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इसे पार करने लगते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद वहां सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि नाला दोबारा उफान पर होने की वजह से अब मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके साथ ही, लोगों को समझाइश देने और रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को भी मौके पर तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
image source : https://www.bhaskar.com
Continue With Google