पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के अंतर्गत आने वाले चंद्रनगर इलाके में वन्यजीवों के अवैध शिकार का एक गंभीर मामला सामने आया है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन और वन विभाग की टीम ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए चीतल के अवैध शिकार में संलिप्त कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुख्ता कानूनी कार्रवाई और न्यायालय के निर्देश के बाद इन सभी सातों आरोपियों को छतरपुर जिला जेल भेज दिया गया है।
यह पूरी घटना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र की है, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा को ताक पर रखकर असामाजिक तत्वों द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। पार्क प्रबंधन की मुस्तैदी के चलते इस बड़े वन्यजीव अपराध का खुलासा हुआ है और सभी संलिप्त आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि और रात्रि गश्त की कार्रवाई
यह सनसनीखेज घटना 16 जुलाई की रात की है। पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर इलाके में वन विभाग और पार्क प्रबंधन को मुखबिरों के माध्यम से और खुफिया तंत्र से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग जंगलों के भीतर अवैध रूप से प्रवेश कर चुके हैं और वन्यजीवों के शिकार की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व का प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। उस रात मौसम बेहद खराब था; मूसलाधार भारी बारिश हो रही थी और चारों तरफ घना अंधेरा छाया हुआ था। ऐसी प्रतिकूल और कठिन परिस्थितियों में भी वन विभाग की टीम ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए बिना एक पल गंवाए तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला। भारी बारिश और रात के अंधेरे की परवाह न करते हुए टीम ने जंगल के उस हिस्से को चारों तरफ से घेर लिया जहां शिकारियों के छिपे होने की आशंका थी।
पहली गिरफ्तारी और बरामदगी
घेराबंदी के दौरान वन विभाग की टीम ने मौके से एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए इस पहले आरोपी का नाम सिम्मा आदिवासी (उम्र 60 वर्ष) है, जिसे टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
जब मौके पर सिम्मा आदिवासी की तलाशी ली गई और उसके पास मौजूद सामान की जांच की गई, तो वन कर्मियों के होश उड़ गए। उसके पास से भारी मात्रा में चीतल का ताजा मांस और चीतल की खाल बरामद हुई। इसके अलावा, शिकार की इस घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए खतरनाक हथियार—एक कुल्हाड़ी और एक तेजधार चाकू—भी मौके से जप्त किए गए। यह इस बात का पुख्ता सबूत था कि पार्क के भीतर वन्यजीवों का बेरहमी से शिकार किया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश और क्रमिक गिरफ्तारियां
मौके से कुछ आरोपी अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर फरार होने में सफल हो गए थे। लेकिन पन्ना टाइगर रिजर्व के पार्क प्रबंधन ने हार नहीं मानी और भागे हुए सभी शिकारियों को दबोचने के लिए विशेष और समर्पित टीमों का गठन किया।
प्रबंधन द्वारा बनाई गई इन विशेष टीमों ने तकनीकी और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर सघन तलाश अभियान शुरू किया। शुरुआती कार्रवाई के तहत, पहले गिरफ्तार किए गए सिम्मा आदिवासी के साथ तीन अन्य आरोपियों को पकड़ा गया और उन्हें तुरंत स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद भी पन्ना टाइगर रिजर्व की टीमों की तलाश लगातार जारी रही।
विभिन्न चरणों में चली इस कार्रवाई के तहत, कुछ आरोपियों को 31 जुलाई को दबोचा गया, जबकि बाकी बचे हुए फरार आरोपियों को भी हाल ही में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार, इस पूरे मामले में कुल 7 आरोपियों को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ने में सफलता मिली।
पकड़े गए सभी 7 आरोपियों का विवरण
पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 7 आरोपी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र और राजनगर तहसील के रहने वाले हैं। इन सभी आरोपियों के नाम और आयु का विवरण इस प्रकार है:
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तिलकराज उर्फ धुट्टन सिंह यादव (उम्र 52 वर्ष)
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सिम्मा आदिवासी (उम्र 60 वर्ष)
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रामजीलाल उर्फ अमर सिंह लोधी (उम्र 41 वर्ष)
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देवी सिंह (उम्र 28 वर्ष)
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पंचू आदिवासी (उम्र 40 वर्ष)
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बालकिशन आदिवासी (उम्र 53 वर्ष)
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हीरा लाल हरिजन (उम्र 40 वर्ष)
ये सभी सातों आरोपी छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजनगर तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जो पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास के जंगलों में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पहुंचे थे।
पार्क प्रबंधन और प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल ने मीडिया और अधिकारियों के सामने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
डिप्टी डायरेक्टर बीके पटेल ने स्पष्ट शब्दों में जानकारी दी है कि जंगलों के भीतर वन्यजीवों का अवैध शिकार करने वाले और ऐसी आपराधिक गतिविधियों में किसी भी रूप से शामिल पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पन्ना टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पार्क प्रशासन भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अपनी गश्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर रहा है ताकि कोई भी शिकारी कानून की पहुंच से बाहर न रह सके।
image source: https://www.bhaskar.com
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