मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शासकीय सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक स्कूल बृजपुर में उस समय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया जब अचानक बड़े अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंच गए। मंगलवार की दोपहर को पन्ना जिले के एसडीएम संजय नागवंशी और जनपद सीईओ जय शंकर तिवारी ने इस सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों के इस प्रकार बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक स्कूल परिसर में प्रवेश करने से पूरे शिक्षक स्टाफ और प्रबंधन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय के भीतर चल रही पठन-पाठन की वास्तविक स्थिति, छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता और पूरे परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लेना था। शिक्षा के मंदिरों में पसरी अव्यवस्थाओं और कमियों को देखकर प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और स्कूल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी।
एसडीएम ने ब्लैकबोर्ड पर खुद लिया छात्रों का टेस्ट
निरीक्षण के दौरान एसडीएम संजय नागवंशी सीधे कक्षाओं के भीतर पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद स्थापित किया। बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखने के लिए एसडीएम ने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर कुछ सवाल लिखे और छात्रों का मौखिक तथा लिखित टेस्ट लिया। इस औचक परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि कई छात्र पढ़ाई लिखाई के मामले में काफी कमजोर पाए गए, जो उनकी कक्षाओं के अनुरूप संतोषजनक नहीं था।
हालांकि, इसी क्लासरूम के कुछ अन्य छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 12 और 13 का पहाड़ा बिना रुके फटाफट सुना दिया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों को कुछ हद तक प्रसन्नता भी हुई। बच्चों के शैक्षणिक स्तर में पाई गई इस कमजोरी पर जब अधिकारियों ने सवाल उठाया, तो प्रभारी प्राचार्य जाम सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि ये बच्चे अभी हाल ही में मिडिल स्कूल से प्रमोट होकर इस कक्षा में आए हैं, इसलिए इनके शैक्षणिक स्तर में अपेक्षित सुधार आने में थोड़ा समय लगेगा।
क्लासरूम में गंदगी और गुटखे से रंगी दीवारें
स्कूल का मुआयना करते हुए जब अधिकारी कक्षाओं के भीतर पहुंचे, तो वहां पसरी हुई भारी गंदगी को देखकर एसडीएम नागवंशी का पारा चढ़ गया। क्लासरूम के अंदर दीवारों पर गुटखा थूके जाने के निशान साफ नजर आ रहे थे, जिससे दीवारें पूरी तरह से रंगी और गंदी हो चुकी थीं। बच्चों के बैठने के स्थान और कमरों में सफाई का नामोनिशान नहीं था।
गंदगी की इस बदतर स्थिति को देखकर एसडीएम ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई और तुरंत प्रभाव से पूरे परिसर व क्लासरूम की साफ-सफाई करवाने के सख्त निर्देश दिए। जब सफाई व्यवस्था की बदहाली पर स्कूल प्रबंधन से जवाब तलब किया गया, तो उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (भ्र्यों) की भारी कमी का रोना रोया। प्राचार्य ने अधिकारियों को अवगत कराया कि विद्यालय में भृत्य के कुल तीन पद रिक्त पड़े हैं और जो इकलौता कर्मचारी तैनात है, वह भी पिछले दो वर्षों से लगातार अनुपस्थित चल रहा है, जिसके कारण प्रतिदिन नियमित रूप से साफ-सफाई करवाना असंभव हो गया है।
अधिकारियों की कड़ी चेतावनी: कागजी नहीं, जमीन पर दिखें सुधार
निरीक्षण के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने विद्यालय की समग्र स्थिति का जायजा लेते हुए इसे आंशिक रूप से संतोषजनक माना, परंतु व्यवस्था में तत्काल और बड़े पैमाने पर सुधार लाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। एसडीएम संजय नागवंशी ने स्कूल प्रबंधन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि केवल फाइलों में कागजी रिपोर्ट तैयार करने या औपचारिक स्क्रिप्ट बना देने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होने वाला है, बल्कि जो भी बदलाव और सुधार हैं, वे धरातल पर जमीन पर साफ नजर आने चाहिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। पढ़ाई के स्तर में सुधार और विद्यालय परिसर की स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही या ढिलाई बरतने पर और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
image source : https://www.bhaskar.com
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