मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और मार्मिक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ जनकपुर मेले से अपने घर लौट रही एक बुजुर्ग महिला को एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद बोलेरो चालक घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर तो निकला, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुँचने पर चालक मानवता को ताक पर रखते हुए बुजुर्ग महिला का शव अस्पताल परिसर में ही छोड़कर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से मृतक परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
हादसे का विवरण और पृष्ठभूमि
घटना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान गांधीग्राम की रहने वाली सतरिया पारधी के रूप में हुई है, जिनके पति का नाम रीठा सिंह है। यह पूरा इलाका पन्ना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सतरिया पारधी मेहनती महिला थीं और अपनी आजीविका चलाने के लिए स्थानीय स्तर पर लगने वाले मेलों में छोटी-मोटी दुकानें लगाने का कार्य करती थीं।
घटना वाले दिन वह पन्ना के पास आयोजित होने वाले प्रसिद्ध जनकपुर मेले में शामिल होने गई थीं। जनकपुर मेले में उन्होंने पांचमुखी रुद्राक्ष की माला की दुकान सजाई हुई थी। मेले में दिनभर दुकानदारी करने और अपनी आजीविका का साधन जुटाने के बाद, जब मेला समाप्त हुआ या शाम का समय हुआ, तब वह अन्य लोगों की तरह अपने गांव गांधीग्राम वापस लौटने के लिए निकली थीं। उनके पास रुद्राक्ष की मालाओं का सामान और दिनभर की मेहनत की थोड़ी-बहुत पूंजी थी। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मेले से घर वापसी का यह सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा।
बोलेरो की जोरदार टक्कर
जब सतरिया पारधी जनकपुर मेले से पैदल या किसी अन्य माध्यम से अपने गांव गांधीग्राम की तरफ वापस जा रही थीं, तभी रास्ते में यह भीषण सड़क हादसा हुआ। शुरुआती विवरण के अनुसार, सामने की दिशा से एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन आ रहा था। वाहन की गति इतनी तेज थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। बोलेरो ने सीधे तौर पर बुजुर्ग महिला सतरिया पारधी को अपनी चपेट में ले लिया और जोरदार टक्कर मार दी।
इस टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सतरिया पारधी सड़क पर दूर जा गिरीं और उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बुजुर्ग महिला खून से लथपथ सड़क पर अछूत हालत में पड़ी थीं। चूंकि यह घटना एक मार्ग पर हुई थी, इसलिए आसपास के कुछ लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए।
अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में मौत
हादसे के बाद राहत की एक उम्मीद यह जगी थी कि जिस बोलेरो वाहन ने टक्कर मारी थी, उसी वाहन का चालक दुर्घटना के तुरंत बाद आगे आया। चालक ने अन्य लोगों की मदद से या अकेले ही गंभीर रूप से घायल सतरिया पारधी को उठाया और उन्हें बचाने के उद्देश्य से पन्ना के जिला अस्पताल की तरफ रवाना हुआ। चालक ने महिला को अपनी ही बोलेरो गाड़ी में डाला और अस्पताल की ओर गाड़ी भगा दी।
परिजनों और चश्मदीदों के अनुसार, दुर्घटना में महिला के शरीर के अंदरूनी हिस्सों और सिर पर गंभीर चोटें लग चुकी थीं। हालत बेहद नाजुक थी। बोलेरो चालक उन्हें उपचार दिलाने के लिए जिला अस्पताल पन्ना लेकर जा रहा था, परंतु रास्ते का सफर तय करते-करते ही बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के गेट या आपातकालीन कक्ष तक पहुँचने से पहले ही उनकी सांसे थम चुकी थीं।
चालक का अमानवीय कृत्य और फरार होना
जब बोलेरो चालक मृतका सतरिया पारधी को लेकर जिला अस्पताल पन्ना पहुँचा, तो वहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही चालक को यह पता चला कि महिला की मौत रास्ते में ही हो चुकी है, उसने घबराहट या पुलिस कार्रवाई के डर से एक बेहद अमानवीय कदम उठाया।
अस्पताल परिसर में ही चालक ने मौका पाकर शव को गाड़ी से उतारा या वाहन के पास ही छोड़ दिया और बिना किसी को बताए चुपचाप मौके से फरार हो गया। जब परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों को इस बात की भनक लगी कि वाहन चालक शव को छोड़कर भाग निकला है, तो पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई। एक तरफ जहाँ महिला की मौत का गम परिवार को अंदर से तोड़ रहा था, वहीं चालक का इस तरह शव छोड़कर भाग जाना उसकी संवेदनहीनता को उजागर करता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही पन्ना कोतवाली थाने की पुलिस हरकत में आई और तुरंत जिला अस्पताल पहुँची। पुलिस बल ने अस्पताल पहुँचकर मृतका के शव को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया।
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पंचनामा कार्यवाही: पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मृतका के शव का पंचनामा तैयार किया और सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेज पूरे किए।
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पोस्टमार्टम: कानूनी प्रक्रिया के तहत मृतका के शव का पन्ना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि मौत के सटीक कारणों और चोटों की प्रकृति का आधिकारिक तौर पर पता चल सके।
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शव सुपुर्दगी: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने मृतका सतरिया पारधी का शव उनके शोकाकुल परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
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मुकदमा दर्ज: परिजनों के आरोपों और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पन्ना पुलिस ने फरार बोलेरो चालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद
पन्ना पुलिस अब इस मामले में पूरी तरह से गंभीर नजर आ रही है। चूंकि बोलेरो चालक अस्पताल परिसर में शव छोड़कर फरार हो गया था, इसलिए उसकी पहचान करना और वाहन को ढूंढना पुलिस के लिए सबसे पहली प्राथमिकता बन गया है।
पुलिस की विशेष टीमें और जांच अधिकारी घटनास्थल से लेकर जिला अस्पताल के रास्ते तक के तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की फुटेज खंगाल रहे हैं। कैमरों की मदद से बोलेरो वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, उसका रंग और चालक के हुलिया का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय मुखबिरों और मेला परिसर के आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर भी सुराग जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
निष्कर्ष
पन्ना जिले में हुई यह घटना न केवल एक सड़क दुर्घटना है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि किस तरह सड़क पर लापरवाही लोगों की जान ले रही है। जनकपुर मेले में पांचमुखी रुद्राक्ष की माला बेचकर अपने परिवार का पेट पालने वाली सतरिया पारधी की इस तरह अचानक हुई मौत ने उनके पूरे परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। प्रशासन और पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं ताकि दोषी चालक को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
image source: https://www.bhaskar.com
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