मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज कस्बे में सूदखोरी (महाजनी प्रथा) का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पन्ना जिले के अमानगंज निवासी दो सगे भाई, नफीस शाह और बब्लू शाह, पिछले कई दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हैं। परिजनों का आरोप है कि ये दोनों भाई कुछ प्रभावशाली सूदखोरों द्वारा अपनाए गए 10 प्रतिशत मासिक ब्याज के क्रूर 'कर्ज-जाल' में बुरी तरह फंस गए थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मूलधन से कहीं अधिक रकम ब्याज के रूप में चुकाने के बावजूद, उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। अंततः, अपनी जान बचाने के लिए उन्हें अपना घर-बार छोड़कर कहीं दूर जाने पर मजबूर होना पड़ा।

पन्ना पुलिस पर रसूखदारों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप

इस मामले ने न केवल एक परिवार को बिखरने के कगार पर ला खड़ा किया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लापता भाइयों के भाई, शहन शाह ने 30 जून को पन्ना पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष उपस्थित होकर एक विस्तृत लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

शहन शाह का आरोप है कि उन्होंने 10 जून 2026 को ही अमानगंज थाने में अपने दोनों भाइयों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, लेकिन पन्ना पुलिस की ओर से अभी तक कोई भी संतोषजनक या ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट मानना है कि जिन लोगों ने नफीस और बब्लू को प्रताड़ित किया है, वे रसूखदार और आर्थिक रूप से संपन्न लोग हैं, और यही कारण है कि स्थानीय पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। परिवार ने पुलिस पर रसूखदारों को बचाने और पीड़ित परिवार की फरियाद को अनसुना करने का गंभीर इल्जाम लगाया है।

छह वर्षों का शोषण और सूदखोरों की दबंगई

पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में शहन शाह ने उन सभी नामों का उल्लेख किया है, जिन्होंने पिछले छह वर्षों से उनके भाइयों को ब्याज के चक्रव्यूह में उलझा कर रखा था। शिकायत के अनुसार, नफीस और बब्लू ने अपनी निजी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिन व्यक्तियों से ऋण लिया था, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • गोलू लखेरा

  • रज्जन तिवारी

  • अन्नू चौबे

  • रामराजा (रम्मू तिवारी)

  • आशु चौबे

शहन शाह का कहना है कि इन लोगों ने 10 प्रतिशत मासिक ब्याज की दर तय की थी। पिछले छह वर्षों में यह ब्याज इतनी बड़ी रकम बन गई कि वह मूलधन को कई गुना पीछे छोड़ चुकी है। बावजूद इसके, ये सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे। पीड़ित भाइयों ने अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा इन सूदखोरों को सौंप दिया था, लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। दबंगों की धमकियों ने नफीस और बब्लू को इस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर दिया कि वे अपना घर छोड़कर अज्ञात स्थान पर जाने के लिए मजबूर हो गए।

बर्बादी की कगार पर पीड़ित परिवार: बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चे बेसहारा

इस सूदखोरी के खेल ने एक पूरे परिवार की बुनियाद हिला दी है। लापता भाइयों के पीछे अब घर में उनके छोटे-छोटे बच्चे और लकवाग्रस्त बुजुर्ग माता-पिता रह गए हैं, जिनके पास जीवन निर्वाह का कोई साधन नहीं बचा है। शहन शाह, जो स्वयं एक कूलर रिपेयरिंग का काम करके किसी तरह अपना गुजारा करते हैं, पर अब पूरे परिवार का बोझ आ पड़ा है।

सूदखोरों का डर इस कदर है कि शहन शाह अपनी दुकान भी नहीं खोल पा रहे हैं। उन्हें और उनके परिवार को निरंतर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। एक तरफ लापता भाइयों की चिंता और दूसरी तरफ सूदखोरों का आतंक, इस दोहरी मार ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। पन्ना जिले की इस घटना ने सूदखोरी के विरुद्ध कड़े कानून और उनकी सख्ती से पालना की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।

पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार और भविष्य की उम्मीदें

परिवार ने पन्ना के पुलिस अधीक्षक से भावुक गुहार लगाई है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए। शहन शाह की मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. गहन जांच: अमानगंज थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाए कि वह सूदखोरों के इस पूरे नेटवर्क और उनकी कार्यप्रणाली की गहनता से जांच करें।

  2. दोषियों पर कार्रवाई: जो भी व्यक्ति इस प्रताड़ना में शामिल हैं, उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें कड़ी सजा मिल सके।

  3. परिवार की सुरक्षा: पीड़ित परिवार को सूदखोरों की धमकियों से बचाने के लिए उचित सुरक्षा प्रदान की जाए।

  4. भाइयों की तलाश: लापता नफीस और बब्लू शाह को सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस विशेष टीम का गठन करे।

पन्ना की यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त 'महाजनी शोषण' की उस काली सच्चाई को उजागर करती है, जहाँ गरीब और मध्यमवर्गीय लोग अनजाने में कर्ज के ऐसे जाल में फंस जाते हैं, जिससे निकलना नामुमकिन सा हो जाता है। अब पन्ना पुलिस पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए और आरोपियों के रसूख को दरकिनार करते हुए कानून का शासन स्थापित करे।

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