पन्ना जिले में पुलिस प्रशासन ने जुए और सट्टेबाजी के काले कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। आईपीएल (IPL) क्रिकेट मैचों के दौरान सक्रिय रहने वाले ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का कोतवाली पन्ना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पन्ना पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई में सट्टा खिलाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस इस मामले को एक संगठित अपराध के रूप में देख रही है और फरार मुख्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

इस पूरी घटना और पुलिस की कार्रवाई को निम्नलिखित विस्तृत बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

1. मुखबिर से मिली गुप्त सूचना: पन्ना कोतवाली पुलिस को मुखबिर के जरिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी कि नगर के कुछ युवक मोबाइल फोन और ऑनलाइन सट्टा ऐप्स के माध्यम से आईपीएल मैचों में सट्टेबाजी का कार्य कर रहे हैं। सूचना में बताया गया था कि दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान सटोरिये सक्रिय हैं और लोगों से दांव लगवा रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना प्रभारी (TI) रोहित मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

2. विशेष टीम द्वारा की गई छापेमारी: मुखबिर द्वारा बताए गए सटीक स्थान पर पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। पुलिस की घेराबंदी इतनी पुख्ता थी कि आरोपी मौका पाकर भाग नहीं सके। पुलिस टीम ने घटनास्थल से ही दो संदिग्ध व्यक्तियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जो अपने मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टेबाजी के वर्चुअल कॉइन्स का खेल चला रहे थे।

3. पकड़े गए आरोपियों की पहचान: पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान आयुष शर्मा, निवासी पुरुषोत्तमपुर और अमान खान, निवासी धाम मोहल्ला, पन्ना के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से सट्टेबाजी के इस खेल में लिप्त थे।

4. सट्टेबाजी का तौर-तरीका और मास्टरमाइंड का खुलासा: आरोपियों ने पुलिस के सामने सट्टेबाजी के नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें सट्टे की आईडी और पासवर्ड पन्ना के ही निवासी आनंद जड़िया द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे। इस अवैध कारोबार में वे आनंद जड़िया को कुल सट्टे के मुनाफे में से 30 प्रतिशत कमीशन के रूप में देते थे। सट्टेबाजी का यह खेल पूरी तरह से 'वर्चुअल कॉइन्स' के माध्यम से संचालित हो रहा था, जिससे वे पुलिस की नजरों से बचने का प्रयास कर रहे थे।

5. बरामद सामग्री और साक्ष्य: पुलिस ने आरोपियों के पास से सट्टेबाजी में प्रयुक्त होने वाले दो मोबाइल फोन (ओप्पो और मोटोरोला ब्रांड) बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 8,000 रुपये है। इसके अलावा, पुलिस ने 4,700 रुपये मूल्य के 'वर्चुअल कॉइन्स' भी जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस खेल में एक वर्चुअल कॉइन की कीमत 1 रुपये निर्धारित की गई थी, जिसके माध्यम से वे सट्टे की बोली लगाते थे।

6. कानूनी कार्यवाही और मामला दर्ज: कोतवाली पन्ना पुलिस ने इस मामले को केवल जुए का प्रकरण न मानकर, इसे एक संगठित अपराध के रूप में दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धारा 112(2) और सार्वजनिक सट्टा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, सोमवार, 18 मई को दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।

7. मुख्य आरोपी की तलाश जारी: पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड आनंद जड़िया की तलाश में जुट गई है। थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी के इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और तकनीकी साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पन्ना में यह सट्टा नेटवर्क कितना गहरा फैला हुआ है और इसके तार अन्य किन शहरों से जुड़े हैं। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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