मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के मुख्य पोस्ट ऑफिस चौराहे पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बड़ी और औचक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान बाहर से रोडवेज बसों के माध्यम से लाए जा रहे दूध और विभिन्न दुग्ध उत्पादों की गहनता से जांच की गई। खाद्य विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मौके से संदिग्ध नमूने जब्त कर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेज दिए हैं। मिलावटखोरी के खिलाफ विभाग की इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध और मिलावटी दूध बेचने वालों में भारी खलबली मची हुई है।

बांदा डिपो की बसों से उतरे दूध विक्रेताओं की सघन जांच

खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश राय के नेतृत्व में खाद्य विभाग की विशेष टीम ने सोमवार को सुबह-सुबह पन्ना के व्यस्ततम पोस्ट ऑफिस चौराहे पर मोर्चा संभाला। टीम ने बांदा डिपो की ओर से आने वाली रोडवेज बसों से उतरने वाले दूध विक्रेताओं को रोककर उनके सामान की जांच शुरू की। जानकारी के मुताबिक, शहर की विभिन्न मिठाई की दुकानों और आवासीय क्षेत्रों में दूध की नियमित सप्लाई के लिए आसपास के ग्रामीण और बाहरी इलाकों से भारी मात्रा में दूध लाया जा रहा था।

त्योहारों और आम दिनों में होने वाली दूध की इस सप्लाई में मिलावट की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह रणनीतिक कदम उठाया। बसों से उतरने वाले सभी संदिग्ध दूध के बर्तनों और डिब्बों की मौके पर ही प्राथमिक जांच की गई ताकि मिलावट के स्तर का आकलन किया जा सके।

कार्रवाई के डर से सामान छोड़कर मौके से फरार हुआ विक्रेता

खाद्य विभाग की इस ताबड़तोड़ और अचानक की गई कार्रवाई के दौरान एक दिलचस्प और संदिग्ध वाकया भी सामने आया। जैसे ही दूध विक्रेताओं की नजर चौराहे पर चेकिंग कर रही खाद्य विभाग की टीम पर पड़ी, उनमें अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को अपनी ओर आते देख एक दूध विक्रेता अपनी पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के डर से घबरा गया और वह अपना सारा दूध का सामान मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।

हालांकि, मौके पर मौजूद सतर्क टीम ने भागे हुए विक्रेता के छोड़े गए सामान को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही, टीम ने वहां मौजूद अन्य दूध विक्रेताओं के पास से भी संदिग्ध दूध के नमूने (सैंपल्स) नियमानुसार एकत्र किए और उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ सील-बंद किया।

लैब रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी सख्त कानूनी कार्रवाई

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पोस्ट ऑफिस चौराहे पर की गई इस कार्रवाई के दौरान जितने भी दूध और दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए हैं, उन सभी को आगे की वैज्ञानिक जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब इन नमूनों की लैब टेस्ट रिपोर्ट प्राप्त होगी, तो उसमें मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSA) के सुसंगत प्रावधानों के तहत अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की इस तरह की निरंतर और कड़ी कार्यवाहियों से यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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