पन्ना: पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुढोर में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक 53 वर्षीय किसान की जान ले ली। खेत में गिरे हाई-वोल्टेज विद्युत तार की चपेट में आने से किसान तुलसीराम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को बिखरने पर मजबूर कर दिया है, बल्कि स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश भी पैदा कर दिया है।
हादसे का विवरण और घटनास्थल की स्थिति घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सुढोर निवासी 53 वर्षीय तुलसीराम सिंह मंगलवार की शाम लगभग 6 बजे अपने दैनिक कार्यों के सिलसिले में खेत पर गए थे। इसी दौरान खेत में पहले से ही एक जर्जर हाई-वोल्टेज बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। शाम होने और अंधेरा छा जाने के कारण किसान को इस खतरे का आभास नहीं हुआ। जैसे ही उनका पैर उस जीवित तार के संपर्क में आया, उन्हें जोरदार करंट लगा और वे वहीं गिर पड़े। करंट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि तुलसीराम सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों की खोजबीन और शव की बरामदगी जब तुलसीराम सिंह देर रात तक अपने घर नहीं लौटे, तो चिंतित परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मंगलवार की पूरी रात बीत जाने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला। बुधवार की सुबह जब ग्रामीणों और परिजनों ने दोबारा खेत की ओर खोजबीन की, तो उन्हें तुलसीराम का शव टूटे हुए बिजली के तार के पास पड़ा मिला। इस दुखद दृश्य को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना तुरंत शाहनगर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शाहनगर भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों और सरपंच का आरोप: बिजली विभाग की घोर लापरवाही इस दर्दनाक हादसे के बाद सुढोर गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। गाँव के सरपंच ध्रुव सिंह ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं। सरपंच का स्पष्ट आरोप है कि यह दुर्घटना किसी प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं, बल्कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही और जर्जर विद्युत लाइनों के रखरखाव में बरती गई उदासीनता का परिणाम है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की लाइनें जर्जर अवस्था में हैं और उनके रखरखाव के लिए विभाग को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन हर बार अनदेखी की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
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सख्त कार्रवाई: हादसे के लिए जिम्मेदार बिजली कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
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नियमित जांच: क्षेत्र में लटके हुए और जर्जर बिजली के तारों की तत्काल नियमित जांच की जाए।
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तारों का नवीनीकरण: जर्जर लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार का चिराग न बुझे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल पन्ना जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली के तारों का जर्जर होना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। सुढोर गाँव की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि समय रहते बुनियादी ढांचे की मरम्मत नहीं की गई, तो ऐसे हादसे अनियंत्रित रूप से बढ़ते रहेंगे। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने मर्ग कायम कर लिया है और यह देखना शेष है कि क्या विभाग वास्तव में अपनी गलतियों को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला केवल फाइलों में दबकर रह जाएगा। प्रशासन की ओर से अब तक मामले में किसी भी प्रकार की आधिकारिक मुआवजे की घोषणा या जवाबदेही तय करने का विवरण सामने नहीं आया है।
Image Source: https://www.bhaskar.com
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