पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है। जहाँ एक ओर किसान दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालने के लिए खेतों में पसीना बहाता है, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्वों द्वारा की गई दबंगई ने अन्नदाता की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम बड़ी गुखौर में खेत की बाड़ से लकड़ी तोड़ने को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि आरोपी ने किसान को लाठी से पीटकर उसका पैर ही तोड़ दिया। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती असुरक्षा की भावना को भी उजागर करती है।
घटना का विवरण और विवाद की शुरुआत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित किसान बृजकिशोर कुशवाहा (36 वर्ष), जो ग्राम बड़ी गुखौर के निवासी हैं, अपनी पत्नी सुशीला कुशवाहा के साथ अपने खेत पर काम कर रहे थे। घटना का स्थल गेवडा हार स्थित उनका खेत है, जहाँ वे धान की रोपाई के कार्य में व्यस्त थे। शांतिपूर्ण तरीके से अपना काम कर रहे इस किसान परिवार के लिए उस समय मुसीबत खड़ी हो गई जब पड़ोस के ही खेत में मौजूद माधव यादव नामक युवक वहां पहुंचा।
आरोपी माधव यादव ने बिना किसी अनुमति के बृजकिशोर के खेत की बाड़ से लकड़ी तोड़नी शुरू कर दी। जब बृजकिशोर ने देखा कि उनकी मेहनत से लगाई गई बाड़ को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तो उन्होंने धैर्य के साथ युवक को ऐसा करने से मना किया। किसान का उद्देश्य केवल अपनी संपत्ति की रक्षा करना था, लेकिन उसे क्या पता था कि अपनी फसल और बाड़ को बचाने के लिए की गई यह सामान्य सी अपील उस पर जानलेवा हमले का कारण बन जाएगी।
अभद्र भाषा और हिंसक हमला
जैसे ही किसान बृजकिशोर ने माधव यादव को लकड़ी तोड़ने से रोका, आरोपी ने अपना आपा खो दिया। वह पूरी तरह आक्रोशित हो गया और किसान को अपमानजनक अपशब्द बोलने लगा। बृजकिशोर ने जब अपनी बात पर अडिग रहते हुए पुनः मना किया, तो माधव यादव की क्रूरता का चेहरा सामने आ गया।
आरोपी ने पास ही पड़ा एक मोटा डंडा उठाया और बिना किसी संकोच के बृजकिशोर के बाएं पैर पर जोरदार प्रहार कर दिया। यह प्रहार इतना घातक था कि किसान के पैर की हड्डी टूट गई और वह दर्द से कराह उठा। अपनी जान बचाने के लिए जब बृजकिशोर ने आरोपी का डंडा पकड़ने और खुद को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने और अधिक हिंसक व्यवहार अपनाते हुए उनका दाहिना हाथ बुरी तरह मरोड़ दिया। इस पूरी घटना के दौरान किसान की पत्नी सुशीला वहीं मौजूद थीं, जो अपने पति को लाठी खाते देख घबरा गई थीं और मदद के लिए गुहार लगाने लगीं।
पत्नी की आंखों के सामने बर्बरता
यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है क्योंकि आरोपी ने किसी के डर या कानून के खौफ की परवाह किए बिना, एक पत्नी के सामने उसके पति को बुरी तरह पीटा। पत्नी सुशीला इस कदर सहम गई थीं कि उन्हें समझ नहीं आया कि वह अपने पति को कैसे बचाएं। शोर सुनकर पास के ही खेत में काम कर रहे दिनेश कुशवाहा मौके पर पहुंचे। दिनेश ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया और बड़ी मुश्किल से बृजकिशोर को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया।
जान से मारने की धमकी और फरार आरोपी
हमले के बाद भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने मौके से भागने से पहले पीड़ित किसान बृजकिशोर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। माधव यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यदि इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई या थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज कराई गई, तो वह बृजकिशोर को जान से मार देगा। आरोपी इस धमकी को देकर घटनास्थल से फरार हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना के तुरंत बाद पीड़ित किसान बृजकिशोर कुशवाहा ने देवेन्द्रनगर थाना पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आरोपी ने पहले उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और फिर विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी माधव यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। हमले में किसान के बाएं पैर की पिंडली और दाहिने हाथ के कंधे में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न
पन्ना जिले की इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में प्रचलित दबंगई की संस्कृति पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। एक किसान जो समाज की बुनियादी जरूरत, यानी भोजन उत्पादन से जुड़ा है, यदि वह अपने खेत की छोटी सी बाड़ की सुरक्षा भी नहीं कर सकता, तो यह सामाजिक सुरक्षा के लिए एक चिंता का विषय है। आरोपी का खुलेआम कानून को हाथ में लेना और पीड़ित को जान से मारने की धमकी देना यह दर्शाता है कि अपराधी तत्वों में पुलिस और प्रशासन का डर कम होता जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे उपद्रवी तत्वों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। पुलिस प्रशासन को न केवल इस विशिष्ट मामले में आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दिलानी चाहिए, बल्कि क्षेत्र में गश्त भी बढ़ानी चाहिए ताकि किसान और आम जनता भयमुक्त होकर अपना कार्य कर सकें।
इस दुखद घटना ने न केवल बृजकिशोर और उनके परिवार को शारीरिक और मानसिक पीड़ा दी है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। अस्पताल का खर्च और खेत पर काम रुक जाने से हुई फसल की हानि, एक किसान के लिए दोहरी मार है। उम्मीद है कि पन्ना पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगी और कानून का राज स्थापित करेगी।
image source: https://www.bhaskar.com
Continue With Google