मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में करीब आठ महीने पहले हुए हृदयविदारक मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बुधवार, 13 मई को पन्ना पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एक 25 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल एक जघन्य हत्या का था, बल्कि इसमें आरोपी की विकृत मानसिकता और क्रूरता की सारी हदें पार हो गई थीं। पुलिस ने इस अंधे कत्ल को सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीक, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया, जिसमें 40 संदिग्धों के डीएनए टेस्ट तक कराने पड़े।
वारदात का खौफनाक मंजर: चोरी, कत्ल और फिर दरिंदगी
पन्ना एसपी निवेदिता नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात की विस्तृत जानकारी साझा की। पकड़े गए आरोपी की पहचान इंद्रभान साकेत के रूप में हुई है।
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चोरी की नीयत से प्रवेश: 16 सितंबर की उस काली रात को आरोपी इंद्रभान साकेत चोरी के इरादे से मृतका के घर में दाखिल हुआ था।
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परिचित था घर का कोना-कोना: आरोपी पूर्व में उसी मोहल्ले में किराए पर रहता था, जिसके कारण उसे घर के प्रवेश द्वार, कमरों और कीमती सामान रखे होने वाली जगहों की पूरी जानकारी थी।
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पकड़े जाने का डर: जब आरोपी घर के अंदर सामान चोरी कर रहा था, तभी अचानक महिला की नींद खुल गई। खुद को पहचाने जाने और पकड़े जाने के डर से आरोपी ने हैवानियत का रास्ता चुना।
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साड़ी से घोंटा गला: आरोपी ने महिला का मुंह कपड़े से दबा दिया ताकि वह शोर न मचा सके और फिर उसकी अपनी ही साड़ी से गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
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लाश के साथ रेप: हत्या के बाद भी आरोपी का मन नहीं भरा। उसने मृत महिला की लाश के साथ बलात्कार (नेक्रोफिलिया) जैसी घिनौनी और विकृत वारदात को अंजाम दिया, जो उसकी बीमार मानसिकता को दर्शाता है।
मासूम की बहादुरी और शहादत
इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू पांच साल के उस मासूम बच्चे की मौत है, जिसने अपनी मां को बचाने की कोशिश की थी।
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मां के लिए भिड़ गया बच्चा: जब आरोपी महिला की हत्या कर रहा था, तभी उसका पांच साल का बेटा जाग गया। अपनी मां को संकट में देख उस नन्हे बच्चे ने हिम्मत दिखाई और अपनी छोटी सी जान की परवाह किए बिना हत्यारे से भिड़ गया।
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विरोध करने पर हत्या: मासूम बच्चे के विरोध और शोर मचाने की संभावना को देखते हुए आरोपी ने उस पर भी रहम नहीं किया।
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क्रूरता की पराकाष्ठा: आरोपी ने मासूम बच्चे का भी गला घोंट दिया। उसने सुनिश्चित किया कि बच्चा जीवित न बचे, इसके लिए उसने बच्चे के मुंह में भी कपड़ा ठूंस दिया जिससे दम घुटने और चोट लगने से उसकी जान चली गई।
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लूट और फरार: मां-बेटे की हत्या करने के बाद आरोपी घर में रखे कुछ पैसे और अन्य कीमती सामान समेटकर मौके से फरार हो गया।
पुलिस की लंबी जांच: 200 कैमरे और 40 डीएनए टेस्ट
अजयगढ़ जैसे शांत इलाके में हुए इस दोहरे हत्याकांड ने पन्ना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती पेश की थी। आरोपी ने पीछे कोई स्पष्ट सुराग नहीं छोड़ा था, जिसके कारण जांच काफी लंबी खिंच गई।
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सीसीटीवी फुटेज का जाल: पुलिस की विशेष टीमों ने इस मामले को सुलझाने के लिए करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला। घटनाओं के समय और संदिग्धों की आवाजाही का मिलान करने में महीनों का समय लगा।
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वैज्ञानिक साक्ष्य: चूंकि वारदात स्थल पर आरोपी के जैविक साक्ष्य मिले थे, इसलिए पुलिस ने वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लिया। संदेह के घेरे में आए परिवार के सदस्यों और गांव के करीब 40 लोगों के डीएनए टेस्ट कराए गए, ताकि वास्तविक अपराधी तक पहुंचा जा सके।
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मैहर से गिरफ्तारी: तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। आखिरकार पुलिस की टीम ने आरोपी इंद्रभान साकेत को मैहर के पास स्थित खोखला गांव से धर दबोचा।
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जुर्म का इकबाल: पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने आरोपी अधिक देर तक टिक नहीं सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
अपराधिक इतिहास: पहले से दर्ज है दुष्कर्म का मामला
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी इंद्रभान साकेत कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह आदतन गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है।
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सीधी जिले का मामला: आरोपी के खिलाफ सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाने में पहले से ही एक नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने और उसके साथ गलत काम करने (दुष्कर्म) का मामला दर्ज है।
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पहचान छुपाकर रहना: सीधी से भागने के बाद वह उसी लड़की से शादी कर पन्ना के अजयगढ़ में आकर बस गया था। यहाँ उसने अपनी पहचान छुपाकर एक चौराहे पर चाऊमीन और मोमोज का ठेला लगाना शुरू कर दिया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
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शातिर अपराधी: वह दिन में ठेला लगाता था और आसपास के घरों की रेकी करता था, जिससे उसे चोरी की वारदातों को अंजाम देने में आसानी होती थी।
पन्ना पुलिस की मुस्तैदी को मिली सराहना
आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पन्ना एसपी निवेदिता नायडू के नेतृत्व में अजयगढ़ पुलिस टीम ने जिस धैर्य और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, उसकी पूरे जिले में सराहना हो रही है। इस खुलासे ने समाज के बीच छिपे अपराधियों के असली चेहरे को बेनकाब किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पुख्ता चालान पेश करने की तैयारी कर रही है।
Image Source: https://www.bhaskar.com
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