जनगणना 2027 की तैयारियों का आकलन: पन्ना में समीक्षा बैठक संपन्न
भोपाल: जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक रामावतार पटेल ने शुक्रवार को पन्ना जिला कलेक्टर कार्यालय के सभागार में जनगणना 2027 की गतिविधियों की समीक्षा की। इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जुड़े अनुविभागीय जनगणना और चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय सीमा में अपने कार्यों को पूर्ण करें।
रामावतार पटेल ने कहा कि 16 वर्षों के बाद होने वाली देश की 16वीं जनगणना प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रगणक, पर्यवेक्षक, फील्ड ट्रेनर और चार्ज अधिकारियों को गंभीरता से अपने दायित्वों को निभाने का आग्रह किया।
प्रमुख निर्देश:
- जनगणना कार्य में किसी भी स्थिति में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
- रिसोर्स पर्सन के माध्यम से तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
- एचएलबी कार्य अविलंब पूर्ण करें और नियमित निरीक्षण करें।
- पोर्टल पर आईडी जनरेशन एवं चार्जवार कर्मचारियों की ड्यूटी की निगरानी करें।
- जनगणना कार्य को उत्साहपूर्वक पूरा करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें।
ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि: 16 से 30 अप्रैल के बीच आम नागरिक स्वयं घर से संबंधित डाटा ऑनलाइन भर सकेंगे। 33 प्रश्नों के उत्तर भरने पर 16 अंकों की स्वगणना आईडी जनरेट होगी, जिसका सत्यापन जनगणनाकर्मी के माध्यम से होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां:
- मई 2026: मकान गणना
- फरवरी 2027: जनसंख्या गणना का दूसरा चरण
बैठक में जिला कलेक्टर ऊषा परमार ने कहा कि जनगणना कार्यों को समय पर पूर्ण करना आवश्यक है। अपर कलेक्टर मधुवंतराव धुर्वे ने कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में अन्य अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण का निरीक्षण: संयुक्त निदेशक ने छत्रसाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फील्ड ट्रेनर के प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को जनगणना कार्य से संबंधित निर्देश दिए और सावधानियों पर जोर दिया।
जनगणना 2027 की यह पहल भारत के भविष्य की नींव का आधार बनेगी, जिसमें सभी अधिकारियों का सहयोग और कर्तव्यनिष्ठा आवश्यक है।
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