पन्ना-अमानगंज-सिमरिया स्टेट हाईवे (स्टेट हाईवे 39) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लाखों प्रयासों के बावजूद, स्थिति जस की तस बनी हुई है, मानो सुनने और देखने वाला कोई नहीं। सड़कें बद से बदतर होती जा रही हैं, चाहे वो स्टेट हाईवे हों या नेशनल हाईवे।

मुख्य सड़क मार्गों की स्थिति इतनी दयनीय और भयावह होती जा रही है कि हर समय गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है। सड़क के बीचोंबीच तालाबनुमा आकार के बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह तय करना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क!

स्टेट हाईवे का देवरा से पुरैना सड़क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और ध्वस्त हो चुका है। जेके सीमेंट ट्रांसपोर्ट के भारी-भरकम वाहनों के गुजरने से सड़क की हालत जर्जर और बदहाल हो गई है। तालाबनुमा गड्ढों और कीचड़ से सनी सड़कों पर रोज हादसे हो रहे हैं, जिसकी पीड़ा न तो जिम्मेदार देख पा रहे हैं और न ही शासन-प्रशासन। सभी लोग हाथ पर हाथ धरे मूक दर्शक बने बैठे हैं।

आखिर शासन-प्रशासन कब जागेगा, जब कोई बड़ी सड़क दुर्घटना हो जाएगी? जेके ट्रांसपोर्ट के भारी-भरकम वाहनों के निकलने से रोड के परखच्चे उड़ गए हैं। छोटे-मोटे वाहन तो चलने से ही कतराते हैं, यह सोचकर कि न जाने कब दुर्घटना का शिकार हो जाएं।

यदि शासन-प्रशासन ने तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो किसी दिन बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है, जिसका जिम्मेदार कौन होगा? ऐसे कई सवाल हैं जो राहगीरों को परेशान कर रहे हैं कि आखिर कब इस समस्या से छुटकारा मिलेगा। लोगों में आक्रोश व्याप्त है और वे तत्काल मरम्मत कार्य की मांग कर रहे हैं।